चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और कनाडा के राजदूत क्रिस्टोफर कूटर के बीच हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच नए सामाजिक, आर्थिक और कौशल आधारित संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी। यह बैठक संत कबीर कुटीर में हुई, जहां विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत बातचीत हुई।
बैठक का सबसे अहम बिंदु यह रहा कि हरियाणा के कुशल युवा अब कनाडा में रोजगार प्राप्त करने में प्राथमिकता पाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के स्किल्ड युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। कनाडाई राजदूत ने भी हरियाणा और कनाडा के बीच कौशल व रोजगार आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत करने में रुचि जताई।
इस दौरान वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, बिजली उत्पादन और कनाडा के खनन क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं को मौके देने जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि इन क्षेत्रों में साझेदारी से युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और हरियाणा के उद्योगों को भी तकनीकी लाभ मिलेगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि कनाडा में उद्यम लगाने के इच्छुक हरियाणा के काबिल कारोबारी और उद्यमियों को कनाडाई सरकार सहयोग प्रदान करेगी। इसके अलावा कनाडा के किसी प्रमुख विश्वविद्यालय को हरियाणा में स्थापित करने की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई। निवेश को लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी है। यह मुलाकात विदेश सहयोग विभाग की पहल पर करवाई गई थी।

मुख्यमंत्री सैनी और कनाडाई राजदूत के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब सरकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से हरियाणा को वैश्विक निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इससे पहले अक्टूबर में मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने जापान में सेइरेन कंपनी के साथ समझौता किया था। रोहतक में 220 करोड़ रुपये का निवेश किए जाने पर सहमति बनी थी, जिससे करीब 1700 युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। यह समझौता ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2026’ की तैयारियों के रूप में भी देखा जा रहा है।







































