मिर्जापुर में एक युवक की रहस्यमय तरीके से मौत पर हुआ हंगामा , परिजनों ने न्याय और आर्थिक सहायता की मांग करी। कॉल डिटेल ने और उलझाया मामला
हिसार जिले के मिर्जापुर गांव में 19 साल के मोनू की संधिग्द मौत के बाद हालात गंभीर होते जा रहे हैं। युवक का शव मिलने के परिवार के जान कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग लेकर सिविल अस्पताल पहुँच गए और वही धरने पर बैठे। परिवार ने कहा की वे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती।
मोनू के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वारदात में किसी जान-पहचान वाले का हाथ हो सकता है। पुलिस को मोनू की जेब से मोबाइल मिला, जिसकी कॉल डिटेल निकलवाई गई। कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, रात करीब 9 बजे मोनू ने अपने भाई से आखिरी बार बात की थी। इसके बाद उसके फोन से किसी भी नंबर पर कॉल नहीं गई।

सिविल अस्पताल के लाश घर के सामने बैठे लोग।
जांच अधिकारी गौतम के अनुसार, “फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल से कुछ अहम बातें सामने आई हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।” पुलिस गांव के सरपंच और परिजनों से लगातार बातचीत कर माहौल शांत कराने की कोशिश कर रही है।
पोस्टमॉर्टम के लिए अग्रोहा से टीम बुलानी पड़ी
डॉक्टरों की हड़ताल के चलते पोस्टमॉर्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम को बुलाना पड़ा। मोनू का पोस्टमॉर्टम करीब 12 घंटे की देरी के बाद हुआ। पुलिस ने बताया कि यह प्रक्रिया डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा की गई और पूरे पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी, क्योंकि परिवार ने हत्या की आशंका जताई है।
परिजनों का आरोप—शरीर पर चोट के निशान, नाक से खून बह रहा था
मोनू के भाई जयभगवान ने बताया कि शव देखने पर ऐसा नहीं लगा कि मौत सामान्य थी। “आंख के नीचे चोट थी, होंठ फूले हुए थे और नाक से खून बह रहा था,” उन्होंने कहा। परिवार के अनुसार, ऐसे निशान स्पष्ट रूप से किसी हमले की तरफ इशारा करते हैं। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
परिजन बताते हैं कि मोनू मजदूरी करता था और पिता की दो साल पहले मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारी उठाने में भी मदद कर रहा था। वह मां और तीन भाइयों के साथ रहता था।
घर से निकला और फिर लौटा ही नहीं
मोनू के मामा ने बताया कि वह 4 दिसंबर की रात खाना खाने के बाद घर से बाहर निकला था। वह अक्सर पास के प्लॉट में सोता था। परिवार के अनुसार, रात करीब साढ़े 9 बजे वह चाय पीकर वहां गया था। जब रात 10 बजे उसे फोन किया गया, तो मोबाइल बंद मिला। सुबह 9 बजे भी फोन बंद ही था।
सुबह जब उसका शव मिला तो आसपास के लोगों ने भी बताया कि युवक के चेहरे पर चोट और सूजन के निशान थे, जिससे परिवार के संदेह और गहरा गया है।







































