हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। जिला अस्पताल में हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर सुरक्षा बढ़ा दी है। तमाम वैकल्पिक इंतज़ामों के बावजूद अस्पताल के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की गैर मौजूदगी से गंभीर बीमारियों के इलाज में देरी हो रही है और कई सिजेरियन ऑपरेशन भी अटके पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था संभालने के लिए आयुष चिकित्सकों और महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा से अतिरिक्त डॉक्टरों को बुलाया है, लेकिन सेवाओं पर पड़ रहा असर अभी भी साफ दिखाई दे रहा है। जिले में तैनात 157 डॉक्टरों में केवल 22 ही ड्यूटी पर मौजूद हैं।
डीसी ने अस्पताल का दौरा किया, सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
स्थिति का जायजा लेने के लिए हिसार के डीसी महेंद्रपाल ने रविवार दोपहर सिविल अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न आए। डीसी ने कहा कि हड़ताल को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की गई है।

DC महेन्दरपाल हॉस्पिटल में जायजा लेते हुए।
क्यों हो रही है हड़ताल?
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) और सरकार के बीच पिछले कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि एसएमओ (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) की सीधी भर्ती बंद करने पर सिद्धांत रूप में सहमति बन चुकी है, लेकिन अभी तक इसका आधिकारिक समाधान सामने नहीं आया है।
साथ ही डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP) को लेकर सरकार स्पष्ट फैसला नहीं ले रही। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ हुई बैठकों में भी पूरा समझौता नहीं हो सका है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
-
एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक
डॉक्टरों का कहना है कि एसएमओ के पद प्रमोशन से भरे जाएं। प्रदेश में 644 स्वीकृत पदों में से 200 खाली हैं, जिनमें 160 डायरेक्ट भर्ती वाले पद हैं। -
केंद्र सरकार जैसी ACP संरचना
एसोसिएशन 4, 9, 13 और 20 साल की सेवा पर चार ACP की मांग कर रही है। फिलहाल हरियाणा में डॉक्टरों को केवल तीन ACP मिलती हैं। -
ग्रेड पे में बढ़ोतरी
डॉक्टर तीसरे ग्रेड पे को 9500 रुपए तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी उन्हें 10 साल की सेवा पर 7600 मिलता है, जबकि वे 8000 की मांग कर रहे हैं। तीसरे ग्रेड पे की मौजूदा राशि 8700 है, जिसे बढ़ाने की मांग है।
हड़ताल की वजह से अस्पतालों में आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने के लिए मनाने में जुटा है, लेकिन अभी हालात सामान्य होने के संकेत नहीं दिख रहे।







































