हरियाणा के सिविल मेडिकल सर्विसेज ने SMO कि सीधी भर्ती का विरोध करते हुए सोमवार को पुरे दो दिन कि हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के प्राथन दिवस ही हिसार जिले में सरकारी अस्पतालों की OPD खली देखने को मिली। डॉक्टर इमरजेंसी ,एमएलआर और पोस्टमार्टम जैसी आवश्यक सुविधाओं से भी दूर रहे ,जिसके चलते मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। हालात काबू करने के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस बल को बढ़ाया गया है।
मरीजों की बढ़ती भीड़ और सीमित स्टाफ को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की।

हड़ताल के वक्त डॉक्टर ऑफिस के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए प्रशासन ने अग्रोहा से मदद ली। सीएमओ डॉ. सपना गहलावत और पीएमओ डॉ. रीना जैन के मुताबिक, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा से 16 डॉक्टरों की टीम को हिसार बुलाया गया और विभिन्न विभागों में तैनात किया गया। प्रसव वार्ड में बीएएमएस डॉक्टरों को लगाया गया, जबकि पीजी और डीआरपीएम के प्रशिक्षु डॉक्टरों ने ओपीडी और आईपीडी में जिम्मेदारी संभाली।
अग्रोहा के डॉक्टरों को हिसार के साथ-साथ सिरसा और फतेहाबाद भेजा गया है ताकि हड़ताल का असर कम किया जा सके।

अग्रोहा मेडिकल से डॉक्टर मरीजों को देखते हुए।
इधर, एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। कार्यकारी जिला प्रधान डॉ. मनीष पूनिया ने कहा कि एसएमओ के 644 स्वीकृत पदों में से 200 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि 160 पद सेवा नियमों में संशोधन न होने के कारण रुके हुए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और वित्त विभाग की मंजूरी के बावजूद एसीपी संरचना की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल के कारण मरीजों को जो भी दिक्कतें हुई हैं, उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की है, क्योंकि उनके बार-बार आग्रह के बावजूद कैडर संबंधी मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।







































