हिसार के नारनौंद में नर्सिंग छात्राओं का रोष प्रदर्शन, अभद्र गानों पर नचाने के आरोप; हाईवे जाम से पहले पुलिस ने रोका
हिसार जिले के नारनौंद में ख़ुशी नर्सिंग कॉलेज कि छात्राएं मंगलवार को सुबह कॉलेज प्रबंधन के विरोध में सड़क पर उत्तरी। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में उनको पड़ने कि बजाए अभद्र गानों पर नाचने के लिए विवश किया जाता है। विरोध करने पर स्टाफ उन्हें डरता और धमकाता है।

मौके पुलिस बल तैनात।
आक्रोशित छात्राएं राजथल की तरफ पैदल मार्च करते हुए जींद–हांसी हाईवे जाम करने की तैयारी में थीं, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें हाईवे से पहले ही रोक लिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
“भविष्य से खिलवाड़, मानसिक प्रताड़ना” — छात्राओं का आरोप
प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल नहीं है, बल्कि स्टाफ उन पर दबाव बनाकर अभद्र गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश करता है। उनका कहना है कि यह सब उनके भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। कई छात्राओं के अभिभावक भी मौके पर पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी नाराज़गी जताई।
डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर सुनी शिकायतें
विरोध की सूचना मिलते ही नारनौंद के डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई और थाना प्रभारी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्राओं की बात ध्यान से सुनी और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। कुछ देर बाद डीएसपी विनोद शंकर ने भी पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
हाईवे जाम नहीं होने दिया, कार्रवाई का भरोसा

DSP सभी अभिभावकों को विश्वास दिलाते हुए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क़ानून व्यवस्था को किसी भी हाल में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। इसलिए जाम लगाने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि छात्राओं की शिकायतें प्रशासन तक भेजी जाएंगी और कॉलेज प्रबंधन से भी जवाब मांगा जाएगा।
न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन
छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और बड़ा रूप देंगी। फिलहाल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई बयान नहीं आया है।







































