सिटी बिग न्यूज | हिसार
हिसार जिले में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के वाटर टैंक सूखने लगे हैं और नहरबंदी की तारीखों के बढ़ने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार घटती जल आपूर्ति के चलते लोग पानी के लिए वाटर टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं, जिनकी कीमत 800 से 1000 रुपए तक वसूली जा रही है।
शहर के सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, सेक्टर 9-11, सेक्टर 14 और सेक्टर-33 समेत कई कॉलोनियों में पानी का जबरदस्त संकट है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सोमवार को सेक्टरवासियों और जनप्रतिनिधियों ने विधायक सावित्री जिंदल से मिलकर समाधान की मांग की। विधायक जिंदल ने सिंचाई विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ से फोन पर बात की और नहर में पानी छोड़ने की अपील की। अधिकारियों ने इस पर जल्द बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार रात सातरोड नहर से महाबीर कॉलोनी जलघर के टैंक में पानी भरने की कोशिश की, लेकिन पानी का स्तर रात 2 बजे के आसपास आधा हो गया। रविवार को नहर में करीब 3 फीट पानी छोड़ा गया था, जो घटकर 1 से 1.5 फीट के बीच रह गया।
रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर-33 के प्रधान ने कहा कि सेक्टर-14, सेक्टर-14 पार्ट-2 और सेक्टर-33 में पानी की भारी किल्लत है। इस मुद्दे को लेकर विधायक से मिल चुके हैं और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।







































