सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव बास आजमशाहपुर में 27 अप्रैल की शाम गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देर रात जानलेवा हमले में बदल गया। मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले सतबीर अपने बेटे अंकित के साथ इस हिंसा का शिकार हुआ। इस हमले में अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सतबीर पशुओं के लिए तुड़ी ला रहे थे और पड़ोसी प्रेम अपनी गाड़ी ‘छोटा हाथी’ से रास्ते में गन्ना उतार रहे थे। सतबीर ने प्रेम से गाड़ी साइड करने को कहा, जिस पर कहासुनी हो गई। मौके पर पुलिस बुलाकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर भेज दिया गया।
लेकिन रात करीब 10 बजे प्रेम, जसमत और नरेश सतबीर के घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। सतबीर के समझाने पर भी वे नहीं माने। जैसे ही सतबीर घर लौटने लगे, प्रेम ने रास्ता रोक लिया और जसमत ने डंडे से सतबीर के सिर पर वार किया। पिता की चीख सुनकर बेटा अंकित बचाने आया तो उस पर लोहे की पाइप और ईंटों से हमला किया गया।
गांव वालों ने बीच-बचाव कर दोनों की जान बचाई। पुलिस ने सतबीर की शिकायत पर प्रेम, जसमत और नरेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 115(2), 126(2), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टरों के अनुसार अंकित की हालत गंभीर है, सिर में चोट और नाक से खून बहने के लक्षण हैं। वहीं सतबीर को तीन गंभीर चोटें लगी हैं। एमएलआर में तीनों चोटों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय मांगी गई है।
बास पुलिस ने 28 अप्रैल को पीड़ितों के बयान दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर ने अंकित को बयान देने के लिए अनफिट बताया। फिलहाल पुलिस ने सतबीर के बयान के आधार पर केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।







































