सिटी बिग न्यूज | हिसार
शहर में ट्रिपल ईंजन की सरकार बनने के बड़े-बड़े दावे फेल हो चुके हैं और इस ईंजन के पहिए पूरी तरह से थम चुके हैं। शहर के लोग पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हंै लेकिन शहर की सरकार मूकदर्शक बनी हुई।
यह बात हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि शहर के सभी जलघर सूख चुके हैं और उनमें पानी की बूंद नहीं है। जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है जो पानी के टैंकर मंगवाने में समर्थ हैं वे अपने स्तर पर टैंकर मंगवाकर काम चला रहे हैं लेकिन शहर के बाकी लोग हालात के साथ समझौता कर रहे हैं।
हर बार गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था का यही हाल होता है। समय रहते प्रशासन द्वारा पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते बाद में जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
जितेंद्र श्योराण ने कहा कि शहर की चुनी हुईं विधायक का समस्याएं हल करवाना तो दूर उनका तो कुछ पता ही नहीं होता कि वो कब हिसार में होती है।
नगर निगम की नई सरकार पहले के कार्यों का ही उद्घाटन करके शहर के लोगों के सामने यह दिखाने का प्रयास कर रही है कि निगम की सरकार ने आते ही काम शुरू कर दिया है। चुने हुए प्रतिनिधि भी जनता की समस्याओं को समाधान की बजाय जनता के बीच में आने से बच रहे हैं जबकि उन्हें लोगों के बीच में रहकर उनकी परेशानियों को दूर करना चाहिए।
श्योराण ने कहा कि वहीं शहर में आवारा कुत्तों व बंदरों का आतंक बहुत ज्यादा बढ़ गया है और लगभग पूरे शहर में लोग इनका शिकार हो रहे हैं। शहर को पशु मुक्त करने के बड़े-बड़े दावे व अभियान चलाए जा चुके हैं लेकिन इस समस्या का समाधान होने की बजाय और अधिक बढ़ रही है। आए दिन कुत्तों व बंदरों के काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
बेसहारा गायों को भी गौ अभ्यारण में छोडऩे की बातें की गई लेकिन पिछले दिनों ही एक जिम संचालक की अचानक गाय से टकराने से मौत हो गई। श्योराण ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि फूल के नाम पर वोट लेकर शहर के लोगों को ‘फूल’ बनाने की कोशिश न करें और शहर के लोगों से उन्होंने जो वादे किए थे उन्हें जल्द से जल्द पूरा करे नहीं तो लोगों को मजबूरन सडक़ों पर उतरना पड़ेगा।







































