सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के हिसार नगर निगम चुनाव में वार्ड-3 से विजयी भाजपा पार्षद ज्योति की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी कुसुम प्रजापति ने उनके खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ज्योति ने पिछड़ा वर्ग-ए (महिला) के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा, जबकि वह इस वर्ग में आती ही नहीं हैं।
याचिका में कहा गया है कि ज्योति ने स्वयं को सुनार जाति से दिखाया जबकि वास्तव में वह पंजाबी अरोड़ा/खत्री समुदाय से हैं, जो हरियाणा के पिछड़ा वर्ग (सेवा एवं शिक्षण संस्थानों में आरक्षण) अधिनियम 2016 की अनुसूची-1 में शामिल नहीं है। वरिष्ठ वकील और कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल के माध्यम से दायर की गई इस याचिका में उनके जाति प्रमाण-पत्र की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि नामांकन पत्र में आय, संपत्ति, शैक्षणिक योग्यता, वैध पैन कार्ड और रोजगार से जुड़ी जानकारी या तो अधूरी है या झूठी। यह हरियाणा नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन है, जिसके तहत फर्जी जाति प्रमाण-पत्र देने पर 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लग सकता है।
कुसुम प्रजापति ने चुनाव से पहले ही उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, स्टेट इलेक्शन कमीशन और अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की मांग की है।








































