सिटी बिग न्यूज | चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन 2008 के इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने सदन में कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में बड़ा खुलासा हुआ है कि 20 इंस्पेक्टरों की भर्ती में धांधली हुई थी। टॉपर्स को नौकरी नहीं दी गई, जबकि फेल हुए अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया। इनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का भतीजा भी शामिल था।
इस आरोप पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया, जिस पर मंत्री महिपाल ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि “इन्हें मिर्ची लग गई।” इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उस समय भर्ती में फ्लूड का इस्तेमाल कर नंबर बदले गए और फेल उम्मीदवारों को टॉप कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने उस प्रक्रिया पर भी चिंता जताई है। इस बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया, कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की और फिर वॉकआउट कर दिया।
बीजेपी विधायक ने नकली चीजों का मुद्दा उठाया
बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने सदन में नकली दवाओं, नकली दूध, नकली मावा और नकली बीज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह सब हमारी नस्लों को कमजोर कर रहा है, ऐसे मामलों में सख्त सजा होनी चाहिए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गौतम और मंत्री अरविंद शर्मा के बीच गोहाना की जलेबी को लेकर बहस हुई थी। गौतम ने आरोप लगाया था कि अब गोहाना की जलेबी शुद्ध नहीं रही और इसमें घी की जगह डालडा का इस्तेमाल हो रहा है। 17 मार्च को विधानसभा में गोहाना की जलेबी लाई गई, लेकिन विधायक गौतम ने इसे खाने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस ने उठाए किसानों के मुद्दे
कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह ने शून्यकाल में किसानों की समस्याओं को उठाया और कहा कि सरकार को उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लेने चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि किस कानून के तहत किसानों को रोका जा रहा है?
एमएसपी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा में सेलर मालिक किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं खरीद रहे। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि MSP पर फसल खरीदी जाए।
इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में डीजल पर पंजाब से अधिक वैट वसूले जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
विधायक रामकुमार गौतम ने रखीं क्षेत्रीय मांगें
बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने सफीदों क्षेत्र से जुड़ी कुछ मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सफीदों में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जरूरी है, क्योंकि वहां रोज फाटक बंद रहने से आवाजाही प्रभावित होती है। साथ ही जींद-कैथल रोड की चौड़ाई बढ़ाने की भी मांग की।
उन्होंने हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि SC-A और B कैटेगरी के लिए 20% आरक्षण खाली रखते हुए बाकी प्रमोशन तेजी से किए जाएं।







































