सिटी बिग न्यूज | नई दिल्ली
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की महासचिव और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में रेलवे बजट पर चर्चा के दौरान देश में बढ़ते रेल हादसों और रेलवे की भूमि को कौड़ियों के भाव पर पट्टे पर देने की नीति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने हरियाणा में नई रेलवे लाइनों के निर्माण, मौजूदा लाइनों के दोहरीकरण, और वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों की शुरुआत की मांग की। साथ ही, उन्होंने कुछ ट्रेनों के समय और ठहराव में बदलाव की भी अपील की।
रेलवे सुरक्षा पर चिंता
सांसद सैलजा ने रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले वर्ष 2023 में 200 से अधिक रेल हादसे हुए हैं, जिनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने रेलवे सुरक्षा के लिए बजट बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि रेलवे को न केवल ट्रेनों की गति बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि अपने कामकाज की गति भी सुधारनी चाहिए।
हरियाणा की रेलवे मांगें
सैलजा ने हरियाणा राज्य की कई लंबित रेलवे परियोजनाओं को लेकर सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यमुनानगर-चंडीगढ़ (बाया साढ़ौरा और नारायणगढ़) रेल लाइन की मांग काफी पुरानी है, लेकिन इस पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
इसी तरह, हिसार-सिरसा (बाया अग्रोहा-फतेहाबाद) रेल लाइन की मांग भी लंबित है। उन्होंने बताया कि अग्रोहा वैश्य समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इसलिए, इस रेल लाइन का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए।
रेलवे लाइनों के दोहरीकरण की मांग
सांसद ने कहा कि हिसार-सिरसा-फाजिल्का और रोहतक-भिवानी-हिसार रेल लाइनों का दोहरीकरण किया जाना चाहिए, क्योंकि ये सिंगल लाइन हैं और इन पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा, अस्थल बोहर-रेवाडी रेल लाइन की मांग भी लंबित है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
वंदे भारत ट्रेन और ट्रेड कॉरिडोर
सैलजा ने चंडीगढ़ से सिरसा (बाया बठिंडा) के लिए वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिसार को ट्रेड कॉरिडोर से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे पूरे उत्तर भारत को आर्थिक लाभ मिल सके।
रेलवे भूमि के पट्टे पर आपत्ति
सांसद ने रेलवे की करोड़ों रुपये की भूमि को कौड़ियों के भाव पर 99 साल के लिए पट्टे पर देने की नीति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रेलवे इस भूमि का उपयोग अस्पताल, प्रशिक्षण संस्थान, खेल स्टेडियम या पार्क बनाने के लिए कर सकता है, जिससे जनहित होगा। उन्होंने सिरसा की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि सात एकड़ रेलवे भूमि 32 करोड़ रुपये में पट्टे पर दी गई, जिसे बाद में पट्टाधारक ने 300 करोड़ रुपये में बेच दिया। इससे रेलवे को भारी नुकसान हुआ है।
सिरसा की रेलवे समस्याएं
सैलजा ने सिरसा क्षेत्र की रेलवे समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सिरसा नगर रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव बढ़ रहा है, और शहर में एक रेलवे ओवर ब्रिज और दो अंडर ब्रिज की मांग लंबित है।
उन्होंने मिनी बाइपास चतरगढ़पट्टी फाटक पर ओवर ब्रिज और कोर्ट रोड तथा कंगनपुर फाटक पर अंडर ब्रिज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए धनराशि आवंटित की गई थी, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
ट्रेनों के समय में बदलाव की मांग
सांसद ने बठिंडा से दिल्ली (बाया सिरसा) चलने वाली किसान एक्सप्रेस के समय में बदलाव की मांग की। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन अब सुबह 5:40 बजे कालांवाली स्टेशन पहुंचती है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
उन्होंने इसके समय को सुबह 7:40 बजे करने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने अहमदाबाद-कटरा ट्रेन का ठहराव कालांवाली स्टेशन पर करने और कालांवाली से हिसार के लिए सुबह 8 बजे एक नई पैसेंजर ट्रेन शुरू करने की मांग की।
सांसद कुमारी सैलजा ने रेल मंत्री से इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया, ताकि जनता को बेहतर रेलवे सुविधाएं मिल सकें।







































