सिटी बिग न्यूज | हिसार
राजीव नगर, हिसार में सावित्री बाई सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका माता सावित्रीबाई फुले जी की 128वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर समाज सेविका रेखा तंवर ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने न केवल महिलाओं को शिक्षित करने का कार्य किया, बल्कि छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा विवाह निषेध जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने 1 जनवरी 1849 को पुणे के भिंडेवाला में देश का पहला बालिका विद्यालय खोलकर महिला शिक्षा की नींव रखी।
रेखा तंवर ने कहा कि सावित्रीबाई का जीवन प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज के विरोध और अत्याचारों की परवाह किए बिना शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने 1854 में “काव्य फुले” नामक कविता संग्रह भी प्रकाशित किया। 1874 में एक ब्राह्मण विधवा के पुत्र को गोद लेकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।
प्लेग महामारी के दौरान भी उन्होंने अपने जीवन की चिंता किए बिना मरीजों की सेवा की और 10 मार्च 1897 को सेवा करते हुए ही उनका देहांत हो गया। यह समाज के लिए अपूरणीय क्षति थी, जिसकी भरपाई आज तक नहीं हो पाई है।
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश सैनी, रमेश सैनी प्रधान, घीसाराम जमालपुरिया, नरोत्तम गोरीवान, ईश्वर सैनी नाटा, सौरभ पंवार, रवि सैनी जमालपुरिया, रॉबिन चौहान, सोनू जमालपुरिया, कुमारी अक्षिता, वंशिका, जीनू, यश सैनी, हिमांशु सैनी, दीपक कटारिया, रजनीश रूद्रा, दीनू सैनी, तुषार मोटा, प्रधान अनिल बालाण, मनोज, विपुल किरोड़ीवाल, प्रणव सैनी, रमेश किरोड़ीवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







































