सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के इकलौते हिसार एयरपोर्ट पर आज भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान उतरेंगे। यह अभ्यास दो दिनों तक चलेगा। तीन दिन के इस प्रशिक्षण शिविर का पहला दिन तैयारियों में बीत गया। सिरसा एयरफोर्स स्टेशन से आए 18 पायलटों समेत कुल 55 जवानों का दल हिसार एयरपोर्ट पर पहुंच चुका है।
वायुसेना का युद्ध अभ्यास
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक हवाई पट्टियों की जांच करना है। युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशनों का विकल्प तैयार रखना जरूरी है। इसी मकसद से हिसार एयरपोर्ट पर यह अभ्यास किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
- वायुसेना के अधिकारी और पायलट पहले दिन हवाई पट्टी की जांच और योजना बनाने में व्यस्त रहे।
- एयरपोर्ट पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, बिना इजाजत किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
- एयरपोर्ट पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की तैनाती की गई है।
- प्रशासन ने एयरपोर्ट के आसपास भीड़ इकट्ठा न होने के निर्देश दिए हैं।
हिसार एयरपोर्ट का महत्व
हिसार एयरपोर्ट की हवाई पट्टी 10,000 फीट लंबी है, जिससे बड़े विमानों की लैंडिंग संभव है। हालांकि, अभी इसे डीजीसीए से लाइसेंस नहीं मिला है, जिसके कारण घरेलू उड़ानें शुरू नहीं हो पाई हैं। उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के अंत तक लाइसेंस मिल सकता है, जिसके बाद पांच राज्यों के लिए उड़ानें शुरू की जाएंगी।
पहले दिन क्या-क्या हुआ?
✔️ सामान लेकर पहुंची गाड़ियां: एयरपोर्ट पर सुबह से ही कई गाड़ियां जरूरी उपकरण और सामान लेकर पहुंचीं। सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।
✔️ सिरसा एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारी पहुंचे: अधिकारियों ने हवाई पट्टी का निरीक्षण किया और एक विमान उड़ाकर एयरपोर्ट की गतिविधियों का विश्लेषण किया।
✔️ प्रशासन के साथ समन्वय: वायुसेना ने स्थानीय प्रशासन से मिलकर एयरपोर्ट की साफ-सफाई, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण पर चर्चा की।







































