सिटी बिग न्यूज | हिसार
हिसार जिले में निजी बस संचालकों की लापरवाही से स्कूली छात्र गंभीर जोखिम उठा रहे हैं। भिवानी रोहिल्ला के आरोही स्कूल के छात्र, निजी बसों की छत पर किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं। ठंड के मौसम में बस की छत पर बैठकर सफर करना न केवल असुरक्षित है, बल्कि हादसों की संभावना को भी बढ़ाता है।
खतरे के साए में सफर
छत पर सफर के दौरान छात्रों के हाईटेंशन लाइनों की चपेट में आने या अचानक ब्रेक लगने पर गिरने का खतरा बना रहता है। छात्रों से किराया वसूली के बावजूद उन्हें सुरक्षित यात्रा का अधिकार नहीं मिल रहा।
छत पर सफर के दौरान छात्रों के हाईटेंशन लाइनों की चपेट में आने या अचानक ब्रेक लगने पर गिरने का खतरा बना रहता है। छात्रों से किराया वसूली के बावजूद उन्हें सुरक्षित यात्रा का अधिकार नहीं मिल रहा।
बस स्टॉप से दूर रोकी जा रही बसें
निजी और सरकारी बसें स्कूल के पास रुकने की बजाय 1.5 किलोमीटर दूर रोक दी जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजाना पैदल चलना पड़ता है।
निजी और सरकारी बसें स्कूल के पास रुकने की बजाय 1.5 किलोमीटर दूर रोक दी जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजाना पैदल चलना पड़ता है।
प्रशासन का जवाब
हिसार रोडवेज जीएम डॉ. मंगल सेन का कहना है कि निजी बसों को परमिट आरटीए विभाग द्वारा दिया जाता है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए आरटीए को पत्र लिखने की बात कही गई है।
हिसार रोडवेज जीएम डॉ. मंगल सेन का कहना है कि निजी बसों को परमिट आरटीए विभाग द्वारा दिया जाता है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए आरटीए को पत्र लिखने की बात कही गई है।







































