रोहतक में निपुण वाटिका का निरीक्षण करने पहुंचे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने सोमवार को सरकारी स्कूल में बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखे शब्दों में हमला बोला और कहा कि पूर्व सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर पूरे प्रदेश में स्टेडियम तो बना दिए, लेकिन उन्हें अधूरा छोड़कर ऐसी हालत में सौंपा कि आज वे सरकार के लिए “नासूर” बन गए हैं।
“स्टेडियमों की दुर्दशा की जांच होगी, दोषी बच नहीं पाएगा”
मीडिया से बातचीत में शिक्षामंत्री ने कहा कि खेल मंत्री गौरव गौतम पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। स्टेडियमों की जर्जर हालत आखिर किसकी वजह से हुई, यह जांच का विषय है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई पुराने स्टेडियमों में सुधार के लिए फंड जारी किए हैं और धीरे-धीरे ढांचागत खामियों को ठीक किया जा रहा है।

“घटना होने से पहले कैसे कार्रवाई हो सकती है?”
ढांडा ने कहा कि विपक्ष हर घटना को मुद्दा बनाने की कोशिश करता है, जबकि मामला तब बनता है जब कोई घटना घटती है। “आपको पहले कैसे पता हो कि क्या होने वाला है? रिपोर्ट आने के बाद ही काम आगे बढ़ता है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस पर हमला—“अधूरी बिल्डिंग छोड़कर गई”
शिक्षामंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय बनाए गए कई राजीव गांधी स्टेडियम अधूरे पड़े थे। “दरवाजे तक नहीं लगे थे, शीशे नहीं थे। ऐसी अव्यवस्था छोड़ी गई थी कि कई बिल्डिंग न बनती तो बेहतर था,” उन्होंने कहा। उनका कहना था कि मौजूदा सरकार इन ढांचों को दुरुस्त करने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।

“कांग्रेस अपने नेता को संभाल नहीं पाई, स्टेडियम की बात क्या करेगी”
जब उनसे पूछा गया कि सरकार स्टेडियमों को क्यों नहीं संभाल पा रही, तो ढांडा ने तीखा जवाब दिया—“कांग्रेस आज तक अपने नेता राहुल गांधी को संभाल नहीं पाई, वो स्टेडियम क्या संभालेंगी।” उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ देने के लिए लगातार काम कर रही है।
बीएलओ ड्यूटी पर बोले—“हर सरकार में लगती है”
बीएलओ ड्यूटी को लेकर उठे विवाद पर शिक्षामंत्री ने कहा कि यह नई बात नहीं है। हर सरकार में वोटर लिस्ट के लिए बीएलओ तैनात किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस पर भी विभाग समाधान तलाश रहा है, और जब चीजें अंतिम रूप ले लेंगी तो जानकारी साझा की जाएगी।

“शिक्षा पर बोलने का हक विपक्ष ने खुद खो दिया”
शिक्षा पर विपक्ष के आरोपों पर ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि यह स्थिति वैसी है जैसे “छाज तो बोले और छलनी भी बोले, जिसमें हजार छेद।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जब गई थी, तब सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 31 प्रतिशत था, जबकि आज 95 प्रतिशत छात्र सफल हो रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान शिक्षामंत्री ने बच्चों से बातचीत भी की और स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।







































