हिसार के चिकनवास और दुर्जनपुर के इलाके में नहर में पानी काम होने कारण दुखी किसानो ने मंगलवार सुबह टेल एंड पर धरना प्रदर्शन कर विरोध किया। किसानो का कहना है की सिंचाई के सबसे जरुरी वक्त पर पानी न मिलने पर सरसों सूखने लगी है और गेहूं की बिजाई भी रुक गई है। इससे किसानो की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।
“टेल एरिया सूखा पड़ा है, विभाग सो रहा है”
धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता समुद्र नंबरदार ने आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही के कारण टेल क्षेत्रों में लंबे समय से पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि किसानों की बार-बार शिकायतों के बावजूद सिल्ट नहीं हटाई गई और नहर की सफाई भी समय पर नहीं हुई। “खेत सूखे पड़े हैं और बुवाई का सीजन निकल रहा है, ऐसे में किसान किस भरोसे खेती करे?” उन्होंने सवाल किया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन, सफाई तुरंत शुरू कराने का वादा
धरने की जानकारी मिलते ही नहर विभाग के एसडीओ अजय सियाग मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि नहर की सफाई का काम उसी दिन से शुरू करा दिया जाएगा। सियाग ने कहा कि ऊपर से पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए भी विभाग कार्रवाई कर रहा है, ताकि अगले कुछ दिनों में टेल तक पानी पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि सिंचाई पानी उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी शिकायत का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
“किसान एकजुट न हुए तो आवाज दबा दी जाएगी”
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच भी धरने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि नहरों की नियमित सफाई, मुआवजा और फसल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार तभी कदम उठाती है जब किसान एकजुट होकर आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा, “राज्य की अर्थव्यवस्था किसानों पर टिकी है, और फिर भी सिंचाई व्यवस्था को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार को अब किसान विरोधी रवैया छोड़कर स्थिति सुधारनी होगी।”
समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में नहर की मरम्मत, सफाई और पर्याप्त बहाव सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और बड़ा रूप देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि आगे की रणनीति में ब्लॉकेड और बड़े स्तर के प्रदर्शन भी शामिल हो सकते हैं।
धरना शांतिपूर्वक समाप्त हो गया, लेकिन किसानों ने यह साफ कर दिया कि अगर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यह विरोध केवल शुरुआत होगी।




































