हिसार नलवा विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक रणधीर पनिहार को संत रामपाल ने नामदीक्षा देने से मना कर दिया। विधायक कि बाते सुनकर रामपाल संकोच में दिखे। रणधीर पनिहार लगातार संत रामपाल के उनके सामने बड़े गुणगान गा रहे थे।
इस पर रामपाल ने कहा आप मेरी भी सुनो ,मैंने आपकी सुन ली है। आप नाम स्मरण किया करो। रणधीर पनिहार बोले मैंने तो आपका नाम ले लिया है। इस पर रामपाल ने कहा ऐसे कुछ नहीं होता , स्कूल में जाने से पहले नाम लिखवाना पड़ता है।
रणधीर पनिहार बोले मेरा नाम आज से लिख लो। रामपाल ने कहा ऐसे नहीं होता है , पहले ज्ञान समझो और हमारे स्कूल के रूल एंड रेगुलेशन को जानो, तब आपका यहां नाम लिखा जायेगा। रणधीर पनिहार बोले इसके लिए मुझे समय दे दो। रामपाल ने कहा ये काम मैं नहीं करता ,हमारे सहायक करते हैं।
बाढ़ रहत कार्य का भी जिक्र हुआ
बातचीत के वक्त पिछले साल हिसार में आई बाढ़ के बारे में बाते हुई। उस दौरान कई गावो में जल भरने के कारण एक बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया था। गांववालों के अनुसार , आश्रम से जुड़े लोगो ने अलग-अलग गावों में जल निकासी के लिए पाइप , मोटर आदि संसाधन मुहैया करवाए थे। रणधीर पनिहार ये बताते हुए बोले कि लोगो ने भी इसकी खूब प्रशंसा की थी।

रामपाल ने हिसार में बाढ़ का पानी निकलने के लिए पाइप भिजवाए।
दूसरी बार मिलने पर बातचीत का रवैया बदला
जानकारी के मुताबिक रणधीर पनिहार रामपाल से पहले भी मिल चुके हैं। इस बार आध्यात्मिक विषय और नामदीक्षा पर चर्चा हुई। रामपाल ने रणधीर पनिहार को सलाह दी कि जीवन और भविष्य को अच्छा बनाने के लिए भक्ति मार्ग में आना आवश्यक है। उन्होंने ये भी कहा कि केवल तारीफ और श्रद्धा व्यक्त करने की बजाए आध्यात्मिक ज्ञान को समझना जरुरी है।

दो महीने पहले भी मिले रणधीर पनिहार रामपाल से।
चार मिनट की चर्चा में कई विषय उठे लेकिन , नामदीक्षा की बात ने सबका ध्यान खींच लिया। यही कारण है कि मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।




































