सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के सिरसा में एक प्रशासनिक कार्रवाई ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मामला उस वक्त तूल पकड़ा जब जींद के DSP जितेंद्र राणा ने उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल गणेशी लाल के बेटे और भाजपा नेता मनीष सिंगला को वीआईपी मंच से हटाया, और बाद में उनसे ‘ऑन-कैमरा’ माफी मांगी गई। इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
27 अप्रैल को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सिरसा में ‘साइक्लोथॉन 2.0’ को हरी झंडी दिखाने पहुंचे थे। उसी दौरान मंच के पास मौजूद भाजपा नेता मनीष सिंगला को DSP ने मंच से हटाया। सिंगला ने अपना पहचान पत्र दिखाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी ने अनदेखा कर दिया और उन्हें मंच के पास से बाहर कर दिया।
विवाद बढ़ने पर SP डॉ. मयंक गुप्ता ने दोनों पक्षों को PWD रेस्ट हाउस बुलाया, जहां DSP जितेंद्र राणा ने भाजपा नेता से माफी मांगी। वीडियो में DSP कहते नज़र आए, “मैं उन्हें पहचान नहीं पाया था। मेरा किसी का मान सम्मान ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।”
इस घटनाक्रम पर JJP नेता दिग्विजय चौटाला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी पुलिस अधिकारी से ‘गुंडई स्टाइल’ में माफीनामा लिया गया है। उन्होंने DGP से कार्रवाई की मांग की।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाया – “भाजपा एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी से कैमरे पर माफी मंगवाकर क्या पुलिस का मनोबल नहीं तोड़ रही है? यह निंदनीय है।”
वहीं भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि “जब आप लोगों की सरकार थी, तब आप लोग क्या-क्या करते थे, यह किसी से छिपा नहीं है।”







































