हिसार में किसान आंदोलन तेज, 16 दिसंबर की महापंचायत को लेकर गांवों में जुटान
आदमपुर तहसील परिसर में किसानों का धरना लगातार जारी है और अब इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय किसान सभा की तहसील कमेटी ने गांव-गांव जाकर जनसंपर्क बढ़ा दिया है। आगामी 16 दिसंबर को होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी ग्रामीण इलाकों में लगातार मीटिंग कर रहे हैं।
तहसील सचिव सतबीर सिंह धायल ने बताया कि सोमवार को कमेटी ने कोहली, खैरमपुर और सारंगपुर गांव का दौरा किया, जहां किसानों को महापंचायत में भारी संख्या में पहुंचने का न्योता दिया गया। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बीमा क्लेम और मुआवजा न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई और खुलकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। किसानों ने भरोसा दिया कि वे आंदोलन को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में हिसार पहुंचेंगे।
“सरकार किसानों की नहीं, घोटालेबाजों की तरफ” — किसान नेता
किसान नेता सतबीर सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों को उनके हक से वंचित रखने के लिए उन लोगों को संरक्षण दे रही है, जो धान खरीद में गड़बड़ियां कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार और यूपी से सस्ते दामों पर धान खरीदकर हरियाणा की मंडियों में स्थानीय किसानों के नाम पर बेचा जा रहा है, जिससे असली किसान भारी घाटे में जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान घोटाले की लीपापोती के लिए छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है।
बीज विधेयक 2025 के खिलाफ आगाज; प्रतियां होगीं दहन
किसान नेताओं ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि किसानों को पोर्टल पर खराब फसल की तस्वीरें-वीडियो अपलोड करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि इस समय रबी की फसल की बुवाई चल रही है और यह अतिरिक्त बोझ किसानों पर दबाव बनाता है। इसके साथ ही, पटवारियों पर खराब फसल की रिपोर्ट कम दिखाने का दबाव होने की शिकायत भी सामने आई है।
बीज विधेयक 2025 को किसान-विरोधी बताते हुए किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि 8 दिसंबर को तहसील से जिला स्तर तक इसकी प्रतियां जलाई जाएंगी। इसके बाद इस विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।







































