हरियाणा के हिसार में बस स्टैंड के सामने 1.18 करोड़ से बना 13 साल पुराने फुट ओवर ब्रिज की अब सीधे नीलामी होगी।
2012 में कुरुक्षेत्र में सांसद नवीन जिंदल की माँ और विधायक सावित्री जिंदल ने इस पुल का निर्माण करवाया था। लेकिन ये ब्रिज कभी काम नहीं आया। 13 सालो तक ऐसे ही खड़ा रहा।
मंत्री गंगवा ने नीलामी के आदेश जारी किए हैं
17 नवंबर को हुई बैठक में PWD मंत्री रणवीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फुटओवर ब्रिज कि नीलामी कि प्रक्रिया शुरू कि जाए। आदेश के बाद विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को ब्रिज कि नीलामी पर बात करी और डायरेक्टरेट ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल (DS&D) को लेटर भेजने कि तैयारी शुरू कि।

इससे पहले मैकेनिकल विंग इसे कहीं और शिफ्ट करने का प्लान बना रहे थे। लेकिन इसमें करीबन 9 लाख रूपए का खर्चा आता जिसे देखते हुए रणवीर गंगवा ने इसे यही पर नीलाम करने फैसला ले लिया।
इस ब्रिज को लगभग तीन महीने पहले ही मंत्री गंगवा ने विधायक सावित्री जिंदल को फेल प्रोजेक्ट घोषित कर दिया था और इसे हटाने के संकेत भी दिए थे। इसी सिलसिले में 17 नवंबर की बैठक में, विधायक की गैरमौजूदगी में इसे नीलाम करने की औपचारिक मंजूरी दे दी गई।
पूर्व मंत्री के प्रोजेक्ट को बढ़ावा

उधर, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बस स्टैंड के पीछे से बसों का संचालन शुरू करने की परियोजना को आगे बढ़ाया और विस्तार दिया जाएगा। साथ ही, बस स्टैंड पर नई पार्किंग बनाने का आदेश दिया गया है।
साथ ही, सिरसा चुंगी से सिविल अस्पताल तक सड़क को छह लेन करने और तलाकी गेट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की भी योजना है।
फुटओवर ब्रिज असफल हुआ क्यों?
तलाकी गेट के पास पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए यह फुटओवर ब्रिज बनाया गया था। 25 मीटर का फुटपाथ, दोनों ओर 60 मीटर की सीढ़ियां, 6.5 मीटर की ऊंचाई और 2 मीटर की चौड़ाई होने के बावजूद यह कभी प्रयोग में नहीं आया।
1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत हुई, लेकिन जनता को एक भी दिन इसका लाभ नहीं मिला।
हिसार बस स्टैंड की अहमियत

11 अगस्त 1969 को 21 एकड़ जमीन पर हिसार का बस स्टेशन बनाया गया था। यहां से हर दिन करीब 600 बसें विभिन्न मार्गों पर चलती हैं।
बस स्टैंड के सामने अक्सर जाम होता है, इसलिए पीछे से बस चलाने और नई पार्किंग बनाने के निर्णय ट्रैफिक को कम करेंगे।







































