- हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जो पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में जेल में बंद है, अब हाईकोर्ट पहुंची।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में हिसार की रहने वाली 34 वर्षीय यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जिन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है, ने जमानत याचिका दायर की है। पुलिस को ठोस सबूत नहीं मिले हैं, उनको जांच के नाम पर उन्हें लंबे समय से हिरासत में रखा गया है।
ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि इस मामले पर जल्द ही हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है। ज्योति की जमानत याचिका 23 अक्टूबर को हिसार सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी क्योंकि उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है।कोर्ट ने जमानत खारिज करने की वजह क्या थी?नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गंभीर आरोप रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जैसा कि सेशन कोर्ट के जज डॉ. परमिंदर कौर ने कहा।
अदालत ने कहा कि ज्योति के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से मिली फोरेंसिक जानकारी, खुफिया जानकारी और विदेशी अधिकारी से संपर्क राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करते हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है या जांच को प्रभावित कर सकता है अगर वह जमानत पर है। ऐसे मामलों में सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि होते हैं।ज्योति की बहस
ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि पुलिस की कहानी अधूरी है और कमजोर है। उनके पास कोर्ट में तीन महत्वपूर्ण मुद्दे हैं:
1. कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं मिला:
पुलिस ने अभी तक कोई कागज, नक्शा या सैन्य सूचना नहीं दी जो साबित करे कि ज्योति ने कोई गोपनीय सूचना दी है।
2. Z सीक्रेट एक्ट का कोई उल्लंघन नहीं हुआ:
इस कानून के तहत किसी को दोषी ठहराने के लिए साबित करना होगा कि उसने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सामग्री बनाई या साझा की है। ज्योति में ऐसा कोई संकेत नहीं है।3. पाकिस्तानी एजेंट से बातचीत का कोई सबूत नहीं:
पुलिस कहती है कि ज्योति के फोन में पाकिस्तानी एजेंट शाकिर का नंबर मिला है। लेकिन चैट या कॉल रिकॉर्ड में कोई बातचीत नहीं है।चार्जशीट पर भी प्रश्न
वकील कहते हैं कि पुलिस ने पूरी चार्जशीट दी थी। उसमें से कुछ को “संवेदनशील जानकारी” कहकर सार्वजनिक नहीं किया गया। बाद में वकील को उसकी सीडी कॉपी, जिसमें कई पन्ने नहीं थे, दी गई।
इफ्तार पार्टी की फोटो ने बहस पैदा की
पाकिस्तान हाई कमीशन की इफ्तार पार्टी में 28 मार्च 2024 को प्रकाशित एक तस्वीर में ज्योति को पाकिस्तानी अधिकारी दानिश और उसकी पत्नी के साथ देखा गया, जिससे मामला गंभीर हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने विदेशी संपर्कों की जांच शुरू की थी।

ज्योति मल्होत्रा फिलहाल हिसार सेंट्रल जेल में हैं।

अब हाईकोर्ट को यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उन्हें जमानत मिलती है क्योंकि मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संतुलन है।







































