हरियाणा के तीन जिलों के DC को नोटिस, पराली जलाने के मामलों में वायु गुणवत्ता आयोग सख्त — सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगा पूरा डेटा
हरियाणा में पराली जलाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राज्य के फतेहाबाद, जींद और हिसार जिलों के उपायुक्तों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आना इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।
जींद में सबसे ज्यादा पराली जली
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में जींद में 121, फतेहाबाद में 72, कैथल में 51, और हिसार में 48 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। आयोग ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए कहा है कि प्रशासनिक तंत्र के निर्देशों के बावजूद खेतों में धुआं उठना नियमों की खुली अवहेलना है।


आयोग ने तीनों जिलों के DC से 17 नवंबर तक जवाब मांगा है। अगर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आयोग ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में पराली जलाने पर “जीरो टॉलरेंस नीति” अपनाई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई सख्ती

दिल्ली की बिगड़ती हवा पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब सरकारों से एक हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने पूछा है कि दोनों राज्यों ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं।
एमिकस क्यूरी (अदालत के सहयोगी वकील) ने कोर्ट को बताया कि कई जिलों से वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों का डेटा या तो अपलोड नहीं हो रहा है या गलत डेटा भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा “खतरनाक श्रेणी” में पहुंच चुकी है, इसलिए इस पर तत्काल सुनवाई जरूरी है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने मामले की सुनवाई सोमवार को तय की है।
हरियाणा में पराली जलाने के नए रिकॉर्ड
बीते 24 घंटे में ही हरियाणा में 72 नए एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) दर्ज किए गए हैं। अब तक राज्य में कुल 435 स्थानों पर आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं।
कृषि एवं कल्याण विभाग ने इन सभी मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। विभाग यह पता लगा रहा है कि कहां सच में पराली जलाई गई और कहां किसी अन्य कारण से आग लगी।
सख्त कार्रवाई शुरू: किसानों और अधिकारियों पर गिरी गाज
राज्य सरकार ने पराली जलाने वालों पर सख्त कदम उठाए हैं।
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95 किसानों के नाम ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री की गई है।
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100 किसानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
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निगरानी में ढिलाई बरतने वाले 66 नोडल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड में लगातार निगरानी रखी जाए और जहां भी आग लगे, तुरंत कार्रवाई की जाए।




































