सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के हिसार जिले के अर्बन एस्टेट के समीप स्थित सिल्वर अपार्टमेंट में लगातार आगजनी की घटनाओं ने निवासियों को डर और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है।
रहवासी अब अपने फ्लैटों में लौटने से डर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि किसी भी समय उनके वाहनों को फिर से आग के हवाले किया जा सकता है या बिल्डिंग में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हाल ही में यहां गार्ड की तैनाती की गई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर भरोसा अब भी नहीं बन पा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने फिलहाल होटलों, रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है, जबकि कुछ परिवार दूसरी जगह स्थायी रूप से शिफ्ट होने की योजना बना रहे हैं।
गौरतलब है कि शनिवार अलसुबह अपार्टमेंट के बाहर खड़े 14 वाहनों में आग लगा दी गई थी। इसके तीन दिन बाद बुधवार सुबह करीब सवा 8 बजे बेसमेंट में खड़े पांच वाहनों में आग लगी। हैरानी की बात यह है कि पहली घटना के बाद भी अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा गार्ड की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
स्थानीय पुलिस की जांच भी सतही ही रही। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने सिर्फ गली में लगे एक-दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर औपचारिकता पूरी कर दी। यदि जांच सही दिशा में की जाती, तो शायद दूसरी घटना को रोका जा सकता था।
फोरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। अब पुलिस विभाग दोबारा हरकत में आया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है।
इस बीच, शहर में फायर एनओसी (नोन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की स्थिति भी चिंता का विषय बन गई है। दमकल विभाग के सर्वे के अनुसार, करीब 60 प्रतिशत से अधिक भवन मालिकों के पास फायर एनओसी नहीं है। साल 2019 और 2022 के आंकड़े बताते हैं कि अधिकतर सरकारी स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों तक के पास भी यह जरूरी अनुमति नहीं है।
सिल्वर अपार्टमेंट की घटनाएं न केवल पुलिस व प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि शहर के भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।







































