सिटी बिग न्यूज | सिरसा
सिरसा नगर परिषद चुनाव में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रमुख पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, और मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व कांग्रेस के बीच देखने को मिल रहा है। फिलहाल, भाजपा चुनावी तैयारियों में बढ़त बनाए हुए दिख रही है।
भाजपा की रणनीति मजबूत
सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने चेयरमैन और वार्ड पार्षद उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। साथ ही, पार्टी ने चुनाव प्रबंधन को धार देने के लिए फतेहाबाद से पूर्व विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के भतीजे दुड़ाराम को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। दुड़ाराम अब प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे। स्थानीय भाजपा नेता भी पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुट गए हैं।
कांग्रेस में गुटबाजी से बढ़ी मुश्किलें
दूसरी ओर, कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है। पार्टी की चेयरपर्सन उम्मीदवार जसविंदर कौर विधायक गोकुल सेतिया के समर्थन से मैदान में हैं, लेकिन अन्य कांग्रेस नेता प्रचार से दूर हैं। नामांकन के दौरान भी गोकुल सेतिया को छोड़कर पार्टी के अन्य बड़े चेहरे नदारद रहे, जिससे गुटबाजी साफ नजर आई।
गोकुल सेतिया ने पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। नामांकन के बाद उन्होंने प्रत्याशियों संग बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा भी की। हालांकि, भाजपा की स्पष्ट चुनावी रणनीति के मुकाबले कांग्रेस अब भी असमंजस में नजर आ रही है।
भाजपा को सिंबल का फायदा
इस चुनाव में भाजपा के पार्षद प्रत्याशी पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि अन्य सभी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। ऐसे में प्रचार के दौरान भाजपा को अपने चुनाव चिह्न का फायदा मिल रहा है, जबकि अन्य प्रत्याशी अब तक प्रतीक चिह्न मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
चुनाव की सरगर्मियां तेज
सिरसा नगर परिषद के 32 वार्डों में कुल 141 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें 32 भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी हैं, जबकि शेष निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, प्रचार अभियान भी जोर पकड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि भाजपा की मजबूत रणनीति कांग्रेस की आंतरिक कलह पर भारी पड़ती है या नहीं।







































