सिटी बिग न्यूज | हिसार
दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाने जा रही है। चुनाव आयोग के अनुसार, भाजपा ने 5 सीटें जीत ली हैं और 43 सीटों पर आगे है, जिससे कुल आंकड़ा 48 तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) 6 सीटें जीतकर 16 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, कुल 22 सीटों पर उसे बढ़त मिली है। कांग्रेस को इस चुनाव में कोई सीट नहीं मिली।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को हार का सामना करना पड़ा, जबकि आतिशी ने कालकाजी सीट से जीत दर्ज की। सत्येंद्र जैन भी चुनाव हार गए।
भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस बीच, भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा, जिन्होंने केजरीवाल को हराया, ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
BJP के दिल्ली मुख्यालय में जश्न का माहौल है, क्योंकि पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, जो दिल्ली में BJP की वापसी का प्रतीक होगा। BJP ने आखिरी बार 1993 में दिल्ली में सरकार बनाई थी, जब उसे 49 सीटें मिली थीं।
चुनाव में एक बड़ा मोड़ तब देखने को मिला, जब दिल्ली दंगों वाली मुस्तफाबाद सीट पर BJP के मोहन बिष्ट 42,000 वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं, AAP के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट पर BJP के प्रवेश वर्मा से 1,800 वोटों से पिछड़ रहे हैं।
5 फरवरी को हुए चुनाव में 60.54% मतदान हुआ था। 14 एग्जिट पोल में से 12 में BJP की सरकार बनने का अनुमान जताया गया था, जबकि केवल 2 में AAP की जीत की संभावना दिखाई गई थी।
2015 से दिल्ली में सत्तारूढ़ AAP इस बार कई अहम सीटों पर पिछड़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री आतिशी कालकाजी सीट पर 2,800 वोटों से पिछड़ रही हैं, जबकि सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश सीट पर 2,721 वोटों से पीछे हैं। हालांकि, AAP के गोपाल राय बाबरपुर सीट पर 20,750 वोटों से आगे चल रहे हैं।
BJP की यह वापसी दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाने वाली है। पार्टी ने सरकार के खिलाफ माहौल और अपने संगठनात्मक बल का फायदा उठाया है। अब सभी की नजरें PM मोदी के भाषण पर हैं, जो दिल्ली में पार्टी के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।







































