सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के हिसार जिले में भीम आर्मी के अध्यक्ष प्रदीप भानखड़ पर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर जान से मारने की धमकी देने, सड़क जाम करने, हिंसा भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ आठ धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला?
लक्ष्मी विहार कॉलोनी, कैमरी रोड, हिसार के निवासी सैनिक अक्षय बल्हारा का अपनी पत्नी रेणुबाला के साथ दहेज और मारपीट का मामला चल रहा है। 14 जनवरी को अक्षय का अपने साले लक्ष्यदीप और अन्य लोगों के साथ विवाद हो गया। इस विवाद को सुलझाने के लिए अक्षय अपने दोस्तों यश, चंदन और छोटू के साथ रेलवे कॉलोनी स्थित एक क्वार्टर पर गया। वहां लक्ष्यदीप, अजय धारीवाल, योगेश सहित अन्य लोगों ने चारों पर डंडों और पाइप से हमला कर दिया।
युवक की मौत के बाद बढ़ा मामला
हमले में घायल यश को इलाज के लिए जिंदल अस्पताल, हिसार में भर्ती करवाया गया। 13 दिन तक इलाज के बाद 27 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इसके बाद यश के परिवारवालों और अनुसूचित जाति संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। डीएसपी कमलजीत ने परिजनों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
परिजनों का आरोप: बिना अनुमति प्रदर्शन
मृतक यश के दादा प्रदीप कुमार, जो हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि परिवार यश का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए तैयार था और पुलिस ने सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली थी। लेकिन 28 जनवरी को भीम आर्मी के अध्यक्ष प्रदीप भानखड़ अपने 10-12 साथियों के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे और बिना अनुमति के प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि प्रदीप भानखड़ ने अस्पताल में मौजूद महिलाओं को भावनात्मक रूप से उकसाया और उन्हें पोस्टमॉर्टम न करवाने के लिए दबाव डाला। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के बाहर रोड जाम कर दिया और आम लोगों की आवाजाही बाधित की।
29 जनवरी को फिर हुआ विवाद
शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार के अनुसार, 28 जनवरी को हिसार में बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया, जिसमें उनके परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं था। अगले दिन 29 जनवरी को जब परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवा लिया और शव घर ले जाने लगे, तब प्रदीप भानखड़ फिर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने परिवार से झगड़ा किया और कहा कि शव को बाजार में रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।
गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
प्रदीप कुमार का कहना है कि जब उन्होंने शव ले जाने का प्रयास किया तो प्रदीप भानखड़ और उनके साथियों ने उन्हें गालियां दीं और मारपीट करने की कोशिश की। पुलिस और परिवार के अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाया। इसके बाद जब परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर जाने लगे, तो प्रदीप भानखड़ ने अपनी कार उनके वाहन के आगे लगा दी और उन्हें रोकने की कोशिश की। परिजनों के विरोध करने पर वह वहां से भाग निकले।
पुलिस ने की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रदीप भानखड़ के खिलाफ धारा 49, 126, 351(3), 115, 296, 191(2), 190 और 285 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी।
मामला तूल पकड़ सकता है
भीम आर्मी अध्यक्ष पर केस दर्ज होने के बाद यह मामला और तूल पकड़ सकता है। अनुसूचित जाति संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए रखी है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।
निष्कर्ष
हिसार में युवक की मौत के बाद प्रदर्शन और रोड जाम का यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील बन गया है। पुलिस ने उचित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अब देखना यह होगा कि आगे की जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।







































