सिटी बिग न्यूज | हिसार
गत 14 अक्टूबर को गांव जुगलान के पूर्व सरपंच सुंदर सिंह पर हुए जानलेवा हमले में न्याय के लिए पीडि़त सुंदर सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने सीएम को एक पत्र देकर कहा की पुलिस उनके केस में गठित एस आई टी की कमान पुलिस अधीक्षक हिसार को सौंपी जाए।
सुंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि पुलिस ने अभी तक घटनास्थल पर लगे कैमरों की फुटेज नहीं ली है। उन्होंने अपने बयान में घटनास्थल के नजदीक शराब ठेके पर लगे सीसीटीवी की फुटेज और आरोपी देवेंद्र के घर की सीसीटीवी फुटेज लेने की मांग की थी जिसे अभी तक पुलिस ने नहीं निकलवाया है।
इसके अलावा जो आरोपियों ने मेरे घर से लेकर घटनास्थल तक मेरी रैंकी की थी, इसलिए मेरे घर से लेकर घटनास्थल तक व आरोपियों के घरों, ठिकानों पर लगें सी. सी.टी.वी. फुटेज भी निकलवाई जानी चाहियें थी लेकिन पुलिस ने ऐसा आज तक नहीं किया।
इसलिए मैनें अपने मुकदमा की जांच सी.आई.ए.-2 से करवाने बाबत एस.पी. साहब हिसार से मांग की थी जिस पर मेरे मुकदमा की जांच सी.आई.ए-2 हिसार को सौपी गई है और इस बारे एक एस.आई. टी. गठित की गई है। आज तक उक्त मुकदमा में पुलिस ने सिर्फ पांच आरोपियों राकेश उर्फ शाका, सौरव, रजत, मुकेश व सुमित की गिरफतारी की है।
सुंदर सिंह ने कहा कि इस मुकदमा में पुलिस में मुख्य आरोपियों देवेन्द्र, प्रदीप बॉक्सर, हरविन्द्र उर्फ प्रगट, टीशू मोर, रणवीर उर्फ बिटटूं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी आज तक नहीं की है और आरोपी अभी भी खुलेआम घुम रहे है।
उक्त वारदात में जिस बोलेरों गाडी का प्रयोग किया गया था उस गाडी को राकेश उर्फ शाका के घर से बाहर से बरामद किया गया जबकि उस गाडी को प्रदीप बॉक्सर चलाता है और उस दिन वह ओर उसके साथी उस गाडी में सवार थे। और जो अन्य क्रेटा गाड़ी वारदात में शामिल थी उसकों भी पुलिस ने आज तक बरामद नही किया है।
सुंदर सिंह ने बताया की मुख्य आरोपियों की गिरफतारी ना होनें के कारण अभी भी मुझे व मेरे परिवार को आरोपियों से जान माल का खतरा बना हुआ है। मैनें पहले पुलिस प्रशासन को अपनी जान माल की सुरक्षा बाबत शिकायतें दी थी लेकिन मुझे सुरक्षा नही दी गई और आरोपियों ने यह वारदात कर दी, अब फिर आरोपीगण मेरे परिवार की रैकी कर रहे है और ये फिर से कोई बड़ी वारदात कर सकते है। मुझे व मेरे परिवार को जान माल का खतरा बना हुआ है। इसलिए मुझे व मेरे परिवार की सुरक्षा बढ़ाई जावे।
सुंदर सिंह ने बताया कि अब जब उन्होंने अपने स्तर पर घटनास्थल पर लगे कैमरों की फुटेज देखी तो मुझ पर हमला करने वालों में से दो-तीन व्यक्तियों की पहचान की जिनमें राकेश उर्फ शाका, सौरव, प्रदीप बॉक्सर है, जिनकों मै पहचानता हूँ, जो प्रदीप बॉक्सर की ही बोलेरो गाडी थी जो वारदात मे शामिल थी, इसके अलावा मुझे पता चला कि रणबीर उर्फ बिट्टू ने मेरे घर से मेरी गाडी निकलने की पूरी जानकारी आरोपियों को दी थी। जो यह भी इस घटना मे शामिल है। उन्होंने कहा कि उक्त मुकदमा मे मुख्य आरोपी की गिरफतारी पुलिस द्वारा नही की गई है।
पीडि़त सुंदर सिंह ने बताया की उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मेरे मुकदमा की जांच के लियें गठित एस.आई.टी. टीम की कमान ए.एस.पी. हिसार को सौंप कर मुकदमा की जल्द से जल्द जांच करवाने व बचे हुये मुख्य आरोपियो को जल्द से जल्द गिरफतार किया जाए।







































