हिसार। सिटी बिग न्यूज
इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राहुल गांधी की सोच को आगे बढ़ाते हुए पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, युवाओं को सबसे अधिक टिकट दे सकती है। हरियाणा में कांग्रेस ने पिछली बार बीसी ए के लोगों को छह टिकट दी थी। इस बारे इसे 10 तक बढ़ाने की तैयारी चल रही है। हिसार जिले की 7 विधानसभा में से एक सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित है।
सामान्य वर्ग के लिए बची छह सीट में कांग्रेस इस बार 2 से 3 सीटों पर पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को उतार सकती है। जिसमें नलवा, बरवाला ,हिसार और हांसी सीट पर ओबीसी की सबसे अधिक दावेदारी है। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने हिसार शहर, बरवाला में ओबीसी के कैंडीडेट उतारे थे। इस बार बरवाला की सीट पर सामान्य वर्ग के लिए छोड़ा जा सकता है।
हिसार सीट को लेकर भी बदलाव करने की चर्चा चल रही हैं। ऐसे में हांसी विधानसभा में ओबीसी की लाटरी लग सकती है। हिसार जिले की विधानसभा सीट में कांग्रेस बीसी ए और बी दोनों को प्रतिनिधित्व दे सकती है। जिसमें बीसी बी में सैनी कैंडीडेट को उतार सकते हैं। बीसी ए से जांगड़ा , कुम्हार या नाई जाति के युवा को टिकट दी जा सकती है।
हांसी से योगेंद्र योगी कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं। कांग्रेस उनको उतार कर बीसी ए के लोगों को संगठित कर सकती है। हांसी विधानसभा में करीब 70 हजार बीसी तथा 50 हजार एससी मतदाता है । एक साधारण घर के आम परिवार के व्यक्ति को उतारा जाएगा तो कांग्रेस एक संदेश देने में कामयाब होगी कि कांग्रेस में दरी बिछाने वाले कार्यकर्ता को भी टिकट मिलती है।
बता दें कि योगेंद्र योगी 1997 से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। बुरे से बुरे समय में भी कांग्रेस के साथ खड़े रहे। गांधी की के विचारों को आगे बढ़ाने वाले हरिजन सेवक संगठन से जुड़कर पिछले दो दशक से लंबे समय से काम कर रहे हैं। गांधीवादी डॉ. एसएन सुब्बाराव के साथ भी काम कर चुके हैं। अब भी गांधी जी के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करते रहते हैं।
चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा भी हरिजन सेवक संगठन से जुड़े हुए थे। ऐसे में योगी का चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा के भी अनुयायी है। अपने संगठन के साथियों के साथ हर साल रणबीर सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित स्मृति स्थल पर पहुंचकर उनकी पुण्यतिथि पर सर्व धर्म प्रार्थना सभा करते हैं।
रणबीर सिंह हुड्डा के विचारों से प्रेरित होने के बाद योगेंद्र योगी भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा से जुडे़ थे। योगेंद्र योगी ने ओबीसी के हकों की लड़ाई के लिए 2022 में रोहतक से चंडीगढ़ ओबीसी अधिकार पदयात्रा निकाली थी। जिसे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
29 अगस्त 2021 को ओबीसी की महापंचायत कर ओबीसी समाज के लोगों के हक की आवाज उठाई। ओबीसी के हकों की लड़ाई ल़ड़ने वाले 32 संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के कोर कमेटी के 11 सदस्यीय दल में योगेंद्र योगी शामिल हैं। राजनीतिक कार्याें के अलावा सामाजिक कार्याें में भी लगातार सक्रिय रहे हैं।
स्कूल कॉलेज , जेल में योग शिविर लगाते रहे हैं। जिसमें लोगों को तनाव करने के तरीके बताते हैं। युवाओं के साथ मिलकर रैली निकालते रहते हैं। पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साथ मिलकर जिले भर में लोगों को जागरूक करने के लिए यात्रा निकाली थी।हांसी के 65 गांवों की पानी की महापंचायत -आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई थी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने योगी को 32 बूथों की जिम्मेदारी दी थी। जिसमें उन्होंने 31 बूथों पर कांग्रेस को जीत दिलाने का काम किया।आखिर में इतना जरुर कह सकते हैं कि वफादार है इसलिए हकदार है।







































