सिटी बिग न्यूज
फतेहाबाद के जिला सूचना एवं लोक संपर्क अधिकारी यानी डीपीआरओ आत्माराम कसाना को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल, कसाना ने फतेहाबाद की अनाज मंडी में आयोजित रैली में सीएम नायब सिंह सैनी को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल की विकास कार्यों की लिस्ट थमा दी।
मुख्यमंत्री साहब उन कार्यों को अपना बताकर वाह-वाही बटोरकर चले गए। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ तो शाम तक आत्माराम कसाना के सस्पेंशन के आदेश जारी हुए। हुआ यूं कि डीपीआरओ से सीएम कार्यालय ने भाजपा सरकार के 10 साल के शासनकाल में फतेहाबाद में किए गए विकास कार्यों की लिस्ट मांगी गई, ताकि सीएम अपनी सरकार का बखान कर सकें।
डीपीआरओ ने गलत जानकारी भेजी तो उनपर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार ने गांव दरियापुर में इंटरनेशनल फुटबॉल एकेडमी को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया, जबकि यह एकेडमी 2012 में बनी थी , लेकिन अब तक शुरू ही नहीं हो पाई है। फतेहाबाद शहर में बनाई गई मल्टीपर्पज पार्किंग भाजपा सरकार ने बनवाई है, लेकिन यह पार्किंग हुड्डा सरकार के समय बनी थी। इसी तरह, मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहाबाद में नया बस स्टैंड बन रहा है, जबकि बस स्टैंड का उद्घाटन दो साल पहले ही हो चुका है।
फतेहाबाद के डीसी को इस मामले की जांच करने और दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। 48 घंटे के अंदर हिसार के मंडल आयुक्त के माध्यम से एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बताया जाएगा कि सरकार को गलत जानकारी कैसे दी गई।







































