सिटी बिग न्यूज | हिसार
आईएसओ जिला अध्यक्ष साहिलदीप कसवां ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (हौटा) का कुलपति के पक्ष में बोलने और अपने ही विश्विद्यालय की एक वैज्ञानिक डॉ. दिव्या फोगाट की मौत पर लोगों को बरगलाने और ऊल -जलूल बातें करने और कर्मचारी साथी का साथ देने की बजाय कुलपति की तरफदारी करने को बेहद निंदनीय बताया है।
गौरतलब है कि हरियाणा कृषि विश्विद्यालय की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या फोगाट की कुलपति और कर्मल मलिक द्वारा प्रताडि़त करने पर मानसिक परेशानी के कारण हुई मौत पर कल हौटा का बयान आया था जिसमें हौटा ने डॉ. दिव्या फोगाट की मृत्यु को साधारण मृत्यु बताया था परंतु साहिलदीप कसवां का कहना है कि डॉ. दिव्या फोगाट बार-बार कुलपति और कर्मल मलिक का नाम लिख-लिख कर चिल्लाती रही कि इन दोनों के कारण मेरा भविष्य बर्बाद हो चुका है, और अपनी मौत से कुछ दिन पहले भी डॉ दिव्या फोगाट ने लिखा था कि मेरी इस हालत के जिम्मेदार कुलपति बी.आर. कांबोज और कर्मल मलिक हैं।
जो हौटा आज हकृवि प्रशासन की तरफदारी कर रहा है उसी हौटा के सामने दिव्या फोगाट बार बार न्याय की गुहार लगाती रही परन्तु हौटा प्रधान अशोक गोदारा या कोई भी हौटा का इंसान उस लडक़ी की मदद के लिएबीच में नहीं आया। जब दिव्या फोगाट की मौत हो गई तो हकृवि कुलपति को बचाने के लिए इन लोगों की पूरी जमात लग गई।
आईएसओ जिला अध्यक्ष साहिलदीप ने हौटा के डॉ दिव्या फोगाट का नाम काटकर ओ.पी. बिश्नोई का नाम मैक्सिको ट्रेनिंग पर भेजने पर कहा कि डीजी आईसीआर ने लिख कर भेजा था कि जो वैज्ञानिक मैक्सिको जाएगा वो लडक़ी होनी चाहिए और उसकी उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए परंतु ओ.पी. बिश्नोई न तो लडक़ी थे न कि ही उनकी उम्र 40 साल से कम थी।
हौटा ने आरोप लगाया कि संगठनों का काम होता है समाज को आगे ले जाने में अपना योगदान दें न कि किसी विश्वविद्यालय पर इल्जाम लगाए। इस बात का मुंहतोड़ जवाब देते हुए साहिलदीप ने कहा कि हौटा का काम होता है अपने शिक्षकों का ध्यान रखना और उनके हितों की रखवाली करना और उनकी आवाज को बुलंद करना न कि कुलपतियों की दलाली करना।
साहिलदीप ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में जो भी शिक्षक न्याय की बात करता है जो इस कुलपति के खिलाफ बोलता है, उसका ट्रांस्फर कर दिया जाता है, डिमोशन कर दिया जाता है या डॉ. दिव्या फोगाट की तरह मौत हो जाती है। साहिलदीप ने कहा कि हकृवि कुलपति ने बहुत शिक्षकों की जिंदगी बर्बाद कर दी, आगे किसी भी शिक्षक की जिंदगी बर्बाद नहीं करने देंगे। डॉ. दिव्या फोगाट की मौत हकृवि कुलपति के ताबूत की आखिरी कील साबित होगी।
साहिलदीप ने हौटा को सलाह देते हुए कहा कि जल्द ही ऐसा दिन आएगा जब इस विश्वविद्यालय में यह कुलपति नहीं होगा, तब आप लोगों का क्या होगा, इससे अच्छा है जिस कार्य के लिए हौटा को गठन किया गया है वो अपने कर्त्तव्य को निभाएं और कुलपति की जी-हजूरी बंद करके शिक्षकों के साथ खड़े हो जाएं, ताकि कोई और शिक्षक को दिव्या फोगाट की तरह अपनी जान न गवानी पड़े।







































