सिटी बिग न्यूज
प्रदेश में इस सीजन कम बारिश होने के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी है। वहीं दूसरी तरफ अन्य पहाड़ी राज्यों में बारिश बहुत ज्यादा होने के लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। हरियाणा में जिन जिलों में धान की फसल लगाई जाती है, सबसे ज्यादा वहां के किसानों को दिक्कत होती है।
हाल ही में किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान औसत से भी कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल 2023 में भी 30 जुलाई तक औसत बारिश की कमी देखी गई थी, जिसके कारण फसल उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ा और किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
इस कमी के चलते कई जिलों में फिर से कम बारिश होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पर्यावरण प्रेमी भी भविष्य में संभावित जल संकट को लेकर चिंतित हैं। अगर बारिश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में जल संकट गहरा सकता है।इस वर्ष मानसून की स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है।
पिछले दो वर्षों के दौरान औसत से कम बारिश के चलते किसानों की फसलों पर सीधा असर पड़ सकता है और शहरों को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, सभी की निगाहें आगामी दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी हैं, जो इस संकट को कम कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त तक जोरदार बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की कमी नहीं रहेगी और मुरझा रही फसलों को भी राहत मिलेगी।







































