2009 बैच के हरियाणा के IAS अधिकारी अशोक कुमार गर्ग ने अपनी सेवानिवृत्ति से 25 दिन पहले एक विशिष्ट पहल की है। उन्होंने “जहर जो हमने पीया” नामक एक पुस्तक लिखी, जिसमें हिसार की 41 महिला सफाई कर्मचारियों की जिंदगी और संघर्षों को लिखा गया है।
पुस्तक बुधवार को हिसार में संभागीय आयुक्त के आवास पर जारी की गई। कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पक्ष यह था कि मंच पर वही महिलाएँ बैठी थीं, जिनकी कहानियाँ पुस्तक में हैं। गर्ग ने उन्हें न केवल आमंत्रित किया, बल्कि बराबरी से मंच पर भी जगह दी। 
“ये सिर्फ कर्मचारी नहीं, मेरी शिक्षक हैं”— गर्ग
विमोचन के बाद महिलाओं ने एक-एक कर अपने अनुभवों को साझा किया—
उन्हें काम करते हुए भी कठिनाइयों की बात कोई नहीं पूछता, कैसे समाज में उन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, और कैसे इस पुस्तक ने उन्हें पहली बार महसूस कराया कि उनकी कहानी भी महत्वपूर्ण है।
एक महिला सफाई कर्मचारी ने कार्यक्रम के दौरान IAS गर्ग को पारंपरिक नृत्य भी दिखाया।

विमोचन के बाद, गर्ग ने जमीन पर बैठकर खाना खाया।
उनका कहना है ,
“इनके बिना शहर का जीवन रुक जाए। एहसान नहीं, सम्मान उनका अधिकार है।”
हिसार में काम करते हुए शुरू हुआ था यह सफर
हिसार नगर निगम कमिश्नर रहते हुए गर्ग ने महिला सफाई कर्मियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास शुरू किया था।
उन्हें लगता है कि यह किताब उनके प्रशासनिक अनुभव का संकलन नहीं है, बल्कि उन महिलाओं की असली आवाज़ों का संकलन है।
साथ ही, महिलाओं ने कहा, “हमने पहली बार महसूस किया कि हमारी कहानी भी सुनने लायक है।”







































