सिटी बिग न्यूज | हिसार
सैक्टर-14 की झुग्गियों में रहने वाली तथा शहर के सैक्टर-14 में घरों में साफ-सफाई इत्यादि का काम करने वाली अनुसूचित जाति की महिला रेखा के साथ पुलिस द्वारा की गई ज्यादतियों पर जय भीम आर्मी ने कड़ा रोष जताया।
उन्होंने कहा कि महिला रेखा पर सैक्टर-14 के एक कोठी में रहने वाले लोगों ने पैसे चोरी का आरोप लगाते हुए सैक्टर-14 स्थित महिला की झुग्गियों में जांच की। महिला रेखा ने बार-बार पुलिस से गुहार लगाई कि उसने कोई पैसे नहीं चुराए और उसकी झुग्गी में पुलिस वालों को कुछ नहीं मिला।
जिसके बाद पुलिस वाले महिला को थाने लेकर गए जहां उसके साथ मारपीट की गई व टॉर्चर किया गया। उसके बाद सीआईए व सिटी थाना में महिला को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया उसे पानी में डुबोया गया, उल्टा लटकाया तथा हाथ पैरों पर मिट्टी के कट्टे रख कर उसे यातना दी गई।
महिला के अंडर गारमेंट तक उतारकर पुलिस वाले ने अपनी जेब में रख लिए। इस बात की सूचना जय भीम आर्मी के चेयरमैन संजय चौहान को मिली तो वे महिला की झुग्गी पर गए और उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। सिविल अस्पताल में जय भीम आर्मी व अन्य सामाजिक संगठन तथा आस-पड़ौस के झुग्गी झोपड़ी वाले लोग काफी संख्या में मौके पर पहुंचे।
जय भीम आर्मी की ओर से चेयरमैन संजय चौहान, प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भानखड़, अभिषेक प्रजापति प्रदेश महासचिव एवं लोकसभा प्रभारी हिसार तथा एडवोकेट रजत कलसन ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के स्टेट को ऑर्डिनेटर आदि इस मौके पर मौजूद रहे।
जय भीम आर्मी के चेयरमैन संजय चौहान ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बिना शिकायत व एफआईआर के एक लाचार महिला को इस तरह की यातना देना न केवल गैर कानूनी है बल्कि अमानवीय है। यदि पुलिस को शक भी था महिला पुलिस कर्मी को उनके साथ होना चाहिए था और महिला पुलिस कर्मी ही उसकी जांच या पूछताछ करती लेकिन पुलिस कर्मियों ने सारी हदें पार करते हुए महिला के साथ मारपीट की।
जो कि सरासर गलत है। संजय चौहान ने हिसार के पुलिस अधीक्षक से इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। संजय चौहान ने कहा कि इस मामले की शिकायत एसएसी/एसटी आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग व मानवाधिकार आयोग को भी की जाएगी।
ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के स्टेट को ऑर्डिनेटर एडवोकेट रजत कलस ने कहा कि अनुसूचित जाति की अप्रवासी महिला महिला को बिना किसी शिकायत व एफआईआर के अपमानजनक ढंग से थाने, चौकी व सीआईए ले जाकर अमानवीय यातनाएं दी गई व टॉर्चर किया गया और पुलिस द्वारा महिलाओंं की गिरफ्तारी को लेकर दी गई गाइड लाइन्स की धज्जियां उड़ाई गईं हैं।
इन सभी पुलिस कर्मियां की पहचान कर इनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, अवैध हिरासत एवं अवैध हिरासत में मारपीट और छेड़छाड़ जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जाए व इन्हें नौकरियों से बर्खास्त किया जाए।







































