सिटी बिग न्यूज | हिसार
भारतीय बिश्नोई महासभा में लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच चुनाव अधिकारी महंत भगवान दास जाम्भा ने देशभर के 14 राज्यों में चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है।
इस फैसले के तहत हिसार से पूर्व पुलिस कर्मचारी अनिल कुमार भाम्भू को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना, पुडुचेरी, महाराष्ट्र और गोवा में भी चुनाव प्रभारी बनाए गए हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होगा चुनाव
राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी ने बताया कि 13 दिसंबर 2024 को मुकाम में आयोजित बिश्नोई समाज की आम बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आगामी एक वर्ष के भीतर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकारिणी का गठन करेगी। इसी को लेकर यह फैसला लिया गया है।
चुनाव अधिकारी के आदेश के अनुसार, जिला प्रभारी, ग्राम सभा प्रभारी, महासभा सदस्य और वार्ड प्रभारी की नियुक्ति भी प्रदेश प्रभारी के निर्देशानुसार की जाएगी।
यह पहली बार होगा जब बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष का चुनाव पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रणाली से किया जाएगा। इससे पहले महासभा के कार्यकारिणी सदस्य मिलकर संरक्षक की सहमति से प्रधान का चयन करते थे।
महंत भगवान दास को मिला चुनाव अधिकारी का दायित्व
11 दिसंबर 2024 को महंत भगवान दास को अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस संबंध में महासभा की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। बिश्नोई महासभा मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान रजिस्ट्रार सोसाइटी कार्यालय को भी सूचित किया गया था।
बिश्नोई महासभा में चल रहा है वर्चस्व संघर्ष
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक कुलदीप बिश्नोई और मौजूदा प्रधान देवेंद्र बूड़िया के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर संघर्ष चल रहा है।
कुछ महीने पहले प्रधान ने कुलदीप बिश्नोई पर जबरन इस्तीफा लेने का आरोप लगाया था। इस विवाद को लेकर मुकाम धाम में बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया गया और उनसे बिश्नोई रत्न अवॉर्ड भी वापस ले लिया गया।
इसके जवाब में कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट देकर बताया था कि मुकाम बैठक में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। उनका कहना था कि संरक्षक को हटाने की यह प्रक्रिया नियमों के अनुसार नहीं हुई है। इस मामले में रजिस्ट्रार सोसाइटी ने देवेंद्र बूड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
इसके बाद, कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी और महासभा के चुनाव करवाने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया। अब महंत भगवान दास जाम्भा के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की तैयारी की जा रही है।







































