सिटी बिग न्यूज | हिसार
हिसार, 18 फरवरी: सामाजिक कार्यकर्ता और गंगापुत्र राजेश हिंदुस्तानी को हिसार में लोग वर्षों से उनके निस्वार्थ सामाजिक कार्यों के लिए जानते हैं। जनता के आग्रह पर उन्होंने 13 फरवरी को मेयर पद के लिए नामांकन पत्र लिया, लेकिन 14 फरवरी को औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान नगर निगम की प्रक्रिया में अड़चनें आने के कारण वे नामांकन दाखिल नहीं कर सके।
टैक्स_विवाद
नगर निगम ने उन्हें 16 लाख रुपये का हाउस टैक्स बकाया बताया, जबकि बाद में 13,000 रुपये और जोड़े। राजेश हिंदुस्तानी ने पहले भी टैक्स भरा था और अब भी 13,000 रुपये देने को तैयार थे, लेकिन निगम ने उन्हें “नो ड्यूज” सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया।
संपत्ति_विवाद:
राजेश हिंदुस्तानी ने बताया कि जिस मकान का टैक्स बकाया बताया जा रहा है, वह उनके भाइयों के नाम पर है। उनका कहना है कि वे पिछले 38 सालों से उसी मकान में रह रहे हैं, और बिजली बिल भी उनके नाम पर है। नगर निगम अधिकारियों ने उनसे भाइयों के आधार कार्ड की मांग की और प्रक्रिया में कई दिन लगने की बात कही।
लोकतंत्र_पर_आघात
राजेश हिंदुस्तानी ने कहा, “मैंने 54 साल की उम्र में कभी कोई गलत काम नहीं किया, साधु-महात्माओं की तरह जीवन जिया और लोगों को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित किया।” उन्होंने बताया कि निगम की इस प्रक्रिया से उन्हें गहरा दुख हुआ है, क्योंकि वे लोकतंत्र के इस पर्व में भाग नहीं ले सके।
निगम की गलती से एक योग्य उम्मीदवार का नामांकन रुक गया, जिससे वे बेहद निराश और आहत महसूस कर रहे हैं।







































