सिटी बिग न्यूज | करनाल
करनाल के नरूखेड़ी गांव में ड्राइवर संदीप नरवाल के अपहरण का मुख्य आरोपी उसका करीबी हेड कांस्टेबल नरेंद्र निकला। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि नरेंद्र ने ऑनलाइन सट्टे में भारी कर्ज के कारण इस साजिश को अंजाम दिया।
साजिश_की_प्लानिंग
- आरोपी ने 15-20 दिन की रेकी के बाद 4 जनवरी को दिनदहाड़े संदीप का अपहरण किया।
- संदीप, जो विदेश भेजने का काम करता था, नरेंद्र के संपर्क में था।
- नरेंद्र ने संदीप की आर्थिक स्थिति और दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटा ली थी।
ऑनलाइन_सट्टा
- मुख्य आरोपी नरेंद्र ऑनलाइन सट्टे में लगातार पैसे हार रहा था।
- कर्ज़ में डूबे होने के कारण उसने सोचा कि संदीप जैसे “सॉफ्ट टारगेट” से फिरौती मांगी जाए।
दिनदहाड़े_अपहरण
आरोपियों ने नंबर प्लेट हटाकर कार तैयार की। संदीप को बेटी को बस में बैठाकर लौटते वक्त गाड़ी से धक्का मारकर किडनैप किया गया। सुरेंद्र ने पिस्तौल की धमकी देकर संदीप को कार में बिठाया।
फिरौती_की_डिमांड
- अपहरण के एक घंटे बाद संदीप के पिता को 2 करोड़ की फिरौती के लिए कॉल की गई।
- बाद में यह राशि घटाकर 80 लाख रुपए कर दी गई।
- पैसे लेने के लिए आरोपियों ने धर्मबीर को असंध बुलाया।
पुलिस_का_मिशन
एसपी गंगाराम पुनिया के निर्देश पर कई पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया। जींद, सोनीपत, करनाल, और पानीपत की पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। आरोपियों की गाड़ी का पीछा करते वक्त सुरेंद्र ने फायरिंग की, लेकिन गाड़ी पलट गई।
गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदीप को बचाया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से अवैध पिस्तौल, देसी कट्टा, और फिरौती में इस्तेमाल हुआ सिम कार्ड बरामद किया गया। इन सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
आरोपियों_का_इतिहास
- सुरेंद्र पर पहले से हत्या के प्रयास समेत कई मामले दर्ज हैं।
- हेड कांस्टेबल नरेंद्र पर रेप का मुकदमा दर्ज था, जो बाद में समझौते से खत्म हुआ।
- अक्षय पर सोनीपत में मारपीट का मामला दर्ज है।
पुलिस_की_सफलता
- 9 घंटे के भीतर पुलिस ने अपहरण की गुत्थी सुलझाई। संदीप को सुरक्षित बचा लिया गया।यह ऑपरेशन पुलिस के तेज़ और संगठित प्रयासों की मिसाल है।







































