सिटी बिग न्यूज | हिसार
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हिसार निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं व्हिसल ब्लॉअर अजीत ग्रोवर ने बताया कि उन्होंने निष्ठावान कर्मचारी के रूप में वर्ष 2015 तक आईटीआई विभाग के अनुदेशक के पद पर अपनी सेवाएं सरकार को देते हुए कार्य किया जो कि सरकार व विभाग को रास नहीं आया और हिसार के तत्तकालीन उपायुक्त विवेक जोशी, जो कि अब मुख्य सचिव हरियाणा हैं ने 04.5.1998 को अपने प्रतिवेदन के आधार पर विभाग ने उनसे 23.12.1998 को शपथ तो प्राप्त कर लिया और व्यापक भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए पलटवार करते हुए बहुचर्चित ईमानदार आईएएस डॉ. अशोक खेमका ने 20.02.2001 को मुझे नौकरी से निकालने का नोटिस जारी कर दिया।
अजीत ग्रोवर ने बताया कि जैसे-तैसे वे 1.2.2014 तक अपनी सेवा बढ़ोतरी करवाने में कामयाब हो गए परंतु इसकी एवज में विभाग के आला अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की जिसके ना देने पर ना केवल मेरी पदोन्नति रोकी गई बल्कि मुझे निदेशक सुरेश कुमार गोयल जिन्होंने वकालत भी की हुई है, ने सरकार नियमों में जानबूझकर उल्लंघना करके 25.8.2015 को नौकरी से जबरन सेवानिवृत कर दिया।
आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया कि ऐसा करने के पीछे सच्चाई यह है कि मैंने मुख्यमंत्री को सी.एम. विंडो के माध्यम से वर्ष 2014 में समस्त जानकारी दे दी थी और सी.एम. ऑफिस और विभाग, सरकार डॉ. अशोक खेमका की अनुचित पदोन्नति करना चाहती थी जो 14.10.2015 को झूठी रिपोर्ट देकर 1.1.2016 को कर दी गई। अजीत ग्रोवर ने आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा/केंद्र के नोटिस में है कि खेमका ने ईमानदारी का लिबाज ओढऩे और आईटीआई विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम किया है।
लेकिन सरकार ने उनके भ्रष्टाचार पर लीपापोती करने हेतु उन्हें सेवानिवृति से 5 माह पूर्व एक महत्वपूर्ण विभाग दे दिया गया है। इसी के साथ-साथ विभाग के आला अधिकारी आज भी तथाकथित ईमानदार अधिकारी को बचाने हेतु झूठी जानकारियों मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीनस्थ कर्मचारियों मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार करवाकर दे रहे हैं ताकि खेमका द्वारा की गई अनियमितताओं को छिपाया जा सके।
ग्रोवर ने बताया कि उन्होंने ई-मेल के माध्यम से भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय में दी है जिस पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा गत 20 नवंबर 2024 को मुख्य सचिव को ई-मेल भी भेजी गई परंतु अब हरियाणा सरकार उस ई-मेल पर कार्यवाही ना करते हुए पिछले एक माह से टालमटोल का रवैया अपनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि सरकार एवं विभाग की इस प्रकार की कार्य प्रणाली देश को पीछे धकेल रही है। देश के प्रतिभावान एवं शिक्षित युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। बेरोजगारी की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रदेश की जनता पहले ही बेरोजगारी व टैक्स की मार से पिसी हुई है ऐसे में सरकारी तंत्र में बदलाव नहीं हुआ तो देश पुन: गुलामी की कगार पर पहुंचा जाएगा।







































