सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शुक्रवार सुबह गुरुग्राम स्थित अपने घर पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दोपहर 12 बजे अंतिम सांस ली। वे हार्ट और डायबिटीज समेत कई बीमारियों से ग्रस्त थे।
शिक्षा के प्रति संकल्प
2021 में शिक्षक भर्ती घोटाले के दौरान तिहाड़ जेल में रहते हुए 86 साल की उम्र में उन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास कर नई मिसाल पेश की।
राजनीतिक सफर
- पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे।
- पहली बार 1989 में मुख्यमंत्री बने।
- 1990 के महम हिंसा कांड के चलते उन्हें पहली बार सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा।
- इसके बाद दो बार और मुख्यमंत्री बने, लेकिन कार्यकाल छोटे रहे।
अंतिम संस्कार
उनका पार्थिव शरीर सिरसा के पैतृक गांव चौटाला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शनिवार दोपहर 3 बजे उनका अंतिम संस्कार तेजा खेड़ा फार्म के श्मशान घाट में किया जाएगा।
राजनीतिक योगदान
- ओपी चौटाला, पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के सबसे बड़े बेटे थे।
- 1968 में ऐलनाबाद से चुनावी राजनीति की शुरुआत की।
- 1987 में लोकदल के टिकट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
नेताओं ने जताया शोक
- पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश और हरियाणा के विकास में उनका योगदान याद रखा जाएगा।”
- हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने इसे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने उनके प्रशासनिक कौशल की सराहना की।
- केंद्रीय मंत्री अनिल विज ने उन्हें एक यादगार नेता और बेहतरीन एडमिनिस्ट्रेटर बताया।
उनके संघर्ष और विवाद
- 1990 में महम हिंसा और 15 दिनों के भीतर तीसरी बार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
- उनका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन हरियाणा के विकास में उनका योगदान अमिट रहेगा।







































