सिटी बिग न्यूज | हिसार
कुलदीप ने रविवार (8 दिसंबर) को मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद को अपना इस्तीफा सौंपते हुए उन्हें महासभा का नया संरक्षक नियुक्त किया। साथ ही उन्होंने महासभा के आगामी चुनाव संचालन के लिए 29 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
#विवाद_के_बीच_इस्तीफा
महासभा के प्रधान देवेंद्र बूड़िया के साथ विवाद के बाद कुलदीप पर दबाव बढ़ा। प्रधान बूड़िया ने संरक्षक पद से हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद, कुलदीप ने खुद इस्तीफा देते हुए समाज के नाम संदेश दिया।

#पद_का_लालच_नहीं
कुलदीप ने कहा, “मुझे पद का लालच नहीं है। मैंने केंद्रीय मंत्री और डिप्टी सीएम के पद ठुकराए हैं। समाज के पैसे से एक कप चाय तक नहीं पी। ऐसे व्यक्ति को प्रधान बनाएं, जो नशा न करता हो।”
#12साल_तक_संरक्षक
पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के निधन के बाद, कुलदीप को महासभा का संरक्षक नियुक्त किया गया था। 12 साल तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने अब इसे त्याग दिया।
#आरोप_और_बयान
कुलदीप पर उनके विरोधियों ने महासभा के फंड से करोड़ों रुपए इकट्ठा करने का दबाव डालने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए कहा कि उनके इस्तीफे के पीछे निजी कारण हैं।
कुलदीप ने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो मैसेज के जरिए समाज को अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने नए नेतृत्व और महासभा के आगामी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का संदेश दिया।
https://www.facebook.com/bishnoikuldeep/videos/2114185659015621







































