सीधी भर्ती और ACP को लेकर विरोध बढ़ा: हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल
हरियाणा में एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) और सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) की सीधी भर्ती को रोकने के लिए डॉक्टरों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। उससे पहले वे दो दिन की प्रतीकात्मक हड़ताल 8 और 9 दिसंबर को कर चुके थे, लेकिन सरकार से बातचीत नहीं बन के बाद वे आंदोलन को अनिश्चितकाल तक बढ़ा दिया है।
पंचकूला में डॉक्टरों ने डीजी हेल्थ ऑफिस के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। यहां कई डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और प्रशासन पर वादाखिलाफी के आरोप लगा रहे हैं। दूसरी ओर, हिसार में स्थिति और बिगड़ गई है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने प्रोबेशन पर कार्यरत 25 डॉक्टरों को शोकॉज नोटिस थमा दिया, लेकिन सेवाएं सुचारू नहीं हो पाई।

पंचकूला में डॉक्टरों ने डीजी हेल्थ ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल पर।
गर्भवती को नहीं मिला बेड, पति खून की बोतल लेकर भटकता रहा
हड़ताल का सबसे बड़ा असर मरीजों पर पड़ा है। हिसार के रामपुरा मोहल्ला की 8 महीने की गर्भवती सुनीता को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत थी, लेकिन बेड न होने पर उसे लौटा दिया गया। डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की सलाह तो दे दी, लेकिन उसका पति अस्पताल की गलियारों में हाथ में खून की बोतल लिए बेड की तलाश करता रहा। घंटों तक उसे कोई जगह नहीं मिली और परिवार बेबस होकर इधर-उधर दौड़ता रहा।
हिसार सिविल अस्पताल के ओपीडी में हजारों मरीजों की भीड़ लगी रही, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में ज्यादातर को बिना इलाज लौटना पड़ा। कई विभागों में सिर्फ दंत चिकित्सक या तकनीकी स्टाफ ही मौजूद मिला।

हिसार सिविल अस्पताल के ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़।
HCMSA का आरोप—सरकार भरोसा नहीं निभा रही
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया का कहना है कि डॉक्टरों की मांगें नई नहीं हैं, बल्कि कई वर्षों से लंबित हैं।
उन्होंने कहा—
“ESMA लगाकर हमें डराया नहीं जा सकता। हमारी लड़ाई बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए है। सरकार ने SMO की सीधी भर्ती रोकने पर सहमति जताई थी, लेकिन ACP पर अब भी टालमटोल हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी थी, फिर भी वित्त विभाग ने इसे अधिसूचित नहीं किया। हम वादों पर नहीं, ठोस फैसलों पर भरोसा करेंगे।”
एसोसिएशन का दावा है कि प्रदेश के अधिकांश डॉक्टर इस आंदोलन का हिस्सा हैं और जब तक समाधान नहीं निकलेगा, हड़ताल जारी रहेगी।
सरकार के कड़े कदम—ESMA लागू और वेतन रोकने के आदेश
हड़ताल पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं—
1. ESMA के तहत 6 महीने हड़ताल पर रोक
गवर्नर ने धारा 4(क)(1) के तहत आदेश जारी करते हुए अगले छह महीनों तक स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों के किसी भी तरह की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
2. ‘नो वर्क, नो पे’ के तहत सैलरी रोक
सरकार ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सैलरी रोक दी जाए। हड़ताल के दिनों में किसी को वेतन, मानदेय या किसी भी तरह का भत्ता जारी नहीं किया जाएगा।







































