सिटी बिग न्यूज | हिसार
आर्य समाज लाला लाजपतराय चौक, नागोरी गेट, हिसार के प्रांगण में महर्षि दयानन्द सरस्वती की 201वीं जयन्ती एवं ऋषि बोधोत्सव (शिवरात्रि) आयोजित किया गया। आर्य समाज नागोरी गेट के प्रधान देंवेद्र सिंह सैनी ने बताया कि कार्यक्रम को आमन्त्रित विद्वानों पूज्य आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री, आगरा, मोहित शास्त्री, भजनोपदेशक, उत्तर प्रदेश ने संबोधित किया।
मंच संचालन डॉ. प्रमोद योगार्थी, प्राचार्य दयानंद ब्रह्म महाविद्यालय द्वारा किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा पंडित कर्मबीर शास्त्री धर्माचार्य थे। समारोह में आर्य समाज व डी.ए.वी. स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुति दी गई वहीं नगर के समस्त आर्य समाजों, सभी आर्य भाई-बहनों तथा आर्य समाज की शिक्षण संस्थाओं का सहयोग रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ 23 फरवरी को प्रात: 08:30 हवन यज्ञ के साथ हुआ 9:30 से दोपहर 1 बजे तक भजन एवं प्रवचन तथा इसके उपरांत ऋषि लंगर आयोजित किया गया।
आचार्य हरिशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि आर्य समाज के प्रवर्तक और प्रखर सुधारवादी संन्यासी महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती भारत के महान चिन्तक, समाज-सुधारक व देशभक्त थे।
वह बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने दो वर्ष की आयु में ही गायत्री मंत्र का शुद्ध उच्चारण करना सीख लिया था। 14 वर्ष की उम्र तक उन्हें यजुर्वेद तथा अन्य वेदों के भी कुछ अंश कंठस्थ हो गए थे।
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती के विचारों से महात्मा गांधी जैसे कई महापुरुष प्रभावित थे। ऐसे समाज सुधारक संत विरले ही होते हैं। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें हृदयपूर्वक नमन करते हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
पंडित मोहित शास्त्री ने संदेशात्मक भजनों ‘जिनकी खातिर महर्षि ने विष भरे प्याले पिए वो आज सभी कुछ भूल बैठे हैं उसने जो अहसान किए’, ‘कौन काशी में आया है, शिव जी की नगरी को जिसने आन हिलाया है, कौन काशी में आया है’, ‘ऐ दुनिया बता इससे बढक़र अब और हकीकत क्या होगी, जान दे दी तलाशे हक के लिए अब और इबादत क्या होगी’ आदि से श्राोताओं को महर्षि दयानंद सरस्वती के संदेश सुनाए।
कार्यक्रम में देवेंद्र सैनी प्रधान, नरेंद्र पाल मिगलानी मंत्री, दलबीर आर्य उपप्रधान, बलराज सिंह मलिक कोषाध्यक्ष व राजबीर भाटीवाल उपमंत्री, समस्त प्रबंधकर्तृ सभा एवं सदस्यगण मौजूद रहे। इसके अलावा भारी संख्या में शहर के लोग उपस्थित रहे।







































