सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा कृषि विश्विद्यालय हिसार में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर ज्ञापन देने गए आईएसओ जिला अध्यक्ष साहिलदीप कसवां, जिला उपाध्यक्ष सुखी मंगाली और लॉ कॉलेज प्रधान करण कुहाड़ को असंवैधानिक रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बी.आर. कंबोज द्वारा डिटेन करवा दिया गया और बिना किसी जुर्म के 3 घंटे हिरासत में रखा गया।
गौरतलब है कि साहिलदीप कसवां डॉ दिव्या फोगाट की वी.सी. और डॉ. कर्मल मलिक द्वारा मानसिक उत्पीडऩ देकर की गई हत्या, एडवोकेट विकास हुड्डा की बी.आर. कंबोज, सुखबीर बिश्नोई द्वारा झूठे केस में फंसाकर मानसिक उत्पीडऩ देकर की गई हत्या, वैज्ञानिकों के रंजिशन दूर दराज किए जा रहे तबादले, वैज्ञानिकों का रिकॉर्ड खराब करना, छात्रों के साथ गाली गलौज और मार पिटाई करना, कुलपति की पत्नी को असंवैधानिक तरीके से विश्वविद्यालय के कैंपस स्कूल में डायरेक्टर की पोस्ट पर रखना, पी.एचडी के छात्रों को नौकरी न देकर रिटायर प्रोफेसर्स को दोबारा नौकरी पर रखना, किसान मेले में किसानों के साथ दुव्र्यवहार करना, बीज उपलब्ध न कराना जैसे गंभीर मुद्दों पर मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देने गए थे जिन्हें पुलिस ने तीन घंटे तक जबरन हिरासत में रखा।
इसी के विरोधस्वरूप साहिलदीप कसवां ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया और केवल एक हफ्ते का समय दिया। साहिलदीप ने कहा हम मुकदमों और गिरफ्तारियों से घबराने वाले नहीं है, और इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और राज्यपाल से मिलने का काम करेंगे।
आज हमारी सरकार से कोई लड़ाई नहीं है लेकिन अगर सरकार अगले दस दिन में कुलपति बी.आर. कंबोज, कर्मल मलिक, सुखबीर बिश्नोई, कपिल अरोड़ा, होटा प्रधान अशोक गोदारा पर सीबीआई जांच नहीं करवाती तो हो सकता है ये लड़ाई सरकार के साथ हो जाए।
साहिलदीप ने कहा कि कुलपति द्वारा अपने करीबियों को बार-बार कहा जाता है कि मैं तो संघ और सरकार को करोड़ों रुपए देकर दोबारा वी.सी. बन जाऊंगा। साथ ही साहिलदीप कुलपति के निजी सचिव कपिल अरोड़ा की नार्को टेस्ट की मांग की क्योंकि कुलपति के सारे काले कारनामों को वही संभालता है। साहिलदीप कसवां ने कहा कि हरियाणा सरकार तुरंत इस मामले में गंभीर और ठोस कदम उठाए और डॉ. दिव्या फोगाट की मानसिक उत्पीडऩ देकर हुई हत्या की सीबीआई जांच करवाए।







































