सिटी बिग न्यूज | हिसार
मुलतानी चौक निवासी जीजेयी मैस के पूर्व ठेकेदार पंकज मेहरा ने गुजवि ब्यॉज हॉस्टल नं. 3 के सामने से चोरी हुई स्कूटी के मामले में जीजेयू हॉस्टल वार्डन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूटी चोरी में हॉस्टल वार्डन अमनदीप नोलिया भी शामिल थे। इस बात के उनके पास सबूत मौजूद हैं।
पंकज मेहरा ने बताया कि जीजेयू में वे मैस चलाते थे आरोपी हॉस्टल वार्डन अमनदीप नोलिया ने चोरी हुई स्कूटी हॉस्टल की पार्किंग से मेरी मैस के अंदर खड़ी करवाई थी जबकि युनिवर्सिटी में पार्किंग की अनेक जगहें बनी हुई हैं।
उसके बाद एक सप्ताह तक स्कूटी के वहां खड़ी रहने के बाद वार्डन अमनदीप ने अपने ऑफिस ब्यॉज हॉस्टल नंबर 3 में बुलाकर कहा कि जो स्कूटी तुम्हारी मैस में खड़ी है उसे उसे बाहर निकलवा दे और तेरी स्कूटी की नंबर प्लेट इस पर लगवा दे जिसे उचाना निवासी मेरा भांजा चलाएगा तुम्हें तो स्कूटी यहीं लोकल चलानी है।
मैंने अधिकारी के दबाव में आकर अपनी स्कूटी की नंबर प्लेट उस स्कूटी में लगवा दी जिसका 1400 रुपये खर्च भी आया था। मैंने इनको बताया तो उन्होंने कहा कि पेमेंट कर देंगे। फिर एक सप्ताह बाद वार्डन अनमदीप का फोन आया कि पंकज यह स्कूटी तो एक जानकार लडक़े की निकल गई और ना जानकार होता तो मैं वापिस नहीं मंगवाता। फिर मैंने यह स्कूटी उनके कहने पर आर.डी. हॉस्टल पार्किंग में खड़ी कर दी।
पंकज मेहरा ने बताया कि इसी बीच हॉस्टल वार्डन जिस स्कूटी को लेकर आए थे उस लडक़े ने इसकी शिकायत पुलिस में दे दी। पुलिस जांच के दौरान हॉस्टल वार्डन ने कहा कि पंकज मेरी नौकरी का सवाल है तू ये मामला अपने ऊपर ले ले।
बाद में मैं तुझे 5 लाख रुपये दे दूंगा और युनिवर्सिटी में कैंटिन भी दिलवा दूंगा जिस पर मैंने उनके दबाव में आकर थाने में जाकर स्वीकार कर लिया और स्कूटी भी पुलिस को दे दी। जिस पर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और सात दिन की जेल भी हुई।
पंकज मेहरा ने कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें मोहरा व शिकार बनाया गया है और मुझे किसी दूसरे के गुनाह की सजा मिली है जबकि इस पूरे प्रकरण में वार्डन की साजिश शामिल थी क्योंकि स्कूटी को हॉस्टल पार्किंग से वही लेकर आए और स्कूटी नंबर प्लेट बदलवाने के लिए भी उन्होंने कहा था।
इनकी साजिश के चलते उन्हें जेल जाना पड़ा और अब यही लोग युनिवर्सिटी प्रशासन के सामने पाक-साफ बने हुए हुए हैं और अब जब उनसे बात करते हैं। पंकज ने बताया कि अब जब वे हॉस्टल वार्डन से बात करते हैं तो उन्हें ब्लैकमेलर बताते हैं और कहते हैं युनिवर्सिटी प्रशासन मेरे साथ है मेरा कुछ नहीं हो सकता।
पंकज मेहरा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने युनिवर्सिटी वीसी को भी 20.8.2024 को शिकायत दी थी लेकिन प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और साजिशकर्ता कर्मचारियों को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने गुजवि कुलपति से मांग की कि इस मामले में जीजेयू हॉस्टल वार्डन अमनदीप नोलिया पूरी तरह से शामिल हैं जिसके पुख्ता सबूत मेरे पास मौजूद है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
इस मामले में युनिवर्सिटी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई थी लेकिन हॉस्टल वार्डन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। पंकज मेहरा ने कहा कि यदि गुजवि कुलपति इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं करते तो वे इसकी शिकायत सी.एम. विंडो, राज्यपाल, प्रधानमंत्री भारत सरकार को करेंगे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एक पत्र संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास महासभा के प्रधान को देकर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।







































