सिटी बिग न्यूज | हिसार
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। रेप के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे बुड़िया की जमानत याचिका सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। इसके साथ ही अब उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
बता दें कि हिसार के आदमपुर थाना में 24 जनवरी को बुड़िया के खिलाफ 20 वर्षीय एक युवती ने बलात्कार, अश्लील वीडियो बनाने, धमकी देने और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज कराया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही देवेंद्र बुड़िया गिरफ्तारी से बचते रहे हैं। उन्होंने फरवरी से अब तक सेशन कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जमानत के लिए याचिकाएं दायर कीं, लेकिन हर स्तर पर उन्हें निराशा हाथ लगी है।
बुड़िया के वकीलों ने कोर्ट में बीमारी और सहमति से संबंध जैसे तर्क दिए। यहां तक कि यह भी दावा किया गया कि बुड़िया पार्किंसन बीमारी से पीड़ित हैं और शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ हैं। हालांकि कोर्ट ने इन सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
वहीं पीड़िता के वकील ने अदालत में बताया कि आरोपी अब तक जांच में सहयोग नहीं कर रहा, उसका मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है, और पीड़िता व उसके परिवार को जान का खतरा है। इन तर्कों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार कर दिया।
इससे पहले 5 फरवरी को सेशन कोर्ट और फिर हाई कोर्ट में भी बुड़िया की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर रखा है, लेकिन अब तक वे फरार हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद, देवेंद्र बुड़िया की गिरफ्तारी महज वक्त की बात है।




































