सिटी बिग न्यूज | हांसी
हांसी में खाद और बीज विक्रेताओं की 7 दिन की सांकेतिक हड़ताल का पहला दिन पूरी तरह सफल रहा। पूरे हांसी क्षेत्र की सभी खाद-बीज की दुकानें पूर्णतः बंद रहीं। इस दौरान डीलरों ने अनाज मंडी के पास स्थित धर्मशाला में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि जो डीलर इस हड़ताल का समर्थन नहीं करेगा और दुकान खोलेगा, उस पर ₹11,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
इस बंद का असर किसानों पर भी पड़ा। सोरखी गांव से आए किसान कुलबीर और अनिल ने बताया कि नहर में 10 तारीख को पानी आना है, लेकिन बीज न मिलने के कारण उनकी बुआई की तैयारी पर असर पड़ रहा है, जिससे वे चिंतित हैं।
डीलर बोले – बनाया जा रहा अपराधी जैसा:
डीलर एसोसिएशन के प्रधान मुकेश टूटेजा ने बताया कि सरकार द्वारा खाद-बीज विक्रेताओं के खिलाफ ऐसी धाराएं लागू की जा रही हैं, जो उन्हें अपराधी की श्रेणी में ले आती हैं।
जबकि डीलर कंपनी से सील बंद खाद और बीज खरीदते हैं, जिनका बिल और कंपनी का अथॉरिटी लेटर उनके पास होता है। इन कंपनियों को बीज बनाने और बेचने की अनुमति स्वयं सरकार देती है।
टूटेजा ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए चेताया कि अगर सरकार ने डीलरों की मांगें नहीं मानीं तो यह सांकेतिक हड़ताल आगे भी जारी रहेगी, जिससे किसानों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।




































