हिसार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने पार्टी संगठन और जिला स्तर की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने हल्के व्यंग्य में कहा—“जिला अध्यक्ष तो नए बने हैं, सब बहुत ज़रूरी कामों में व्यस्त हैं। 12 साल से आदतें बिगड़ी हुई हैं, अब उन्हें ठीक होने में थोड़ा वक्त लगेगा।” 
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनावों में संगठन की कमजोरी और अंदरूनी राजनीति के कारण नुकसान झेलना पड़ा। कई नेताओं ने संगठन बनने ही नहीं दिया, जिसकी सीधी मार पार्टी के नतीजों पर पड़ी। हालांकि अब नए प्रदेशाध्यक्ष, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है।
बृजेंद्र सिंह ने हिसार में कांग्रेस नेता बीर सिंह दलाल के आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि चुनाव नतीजों के बाद कार्यकर्ताओं में निराशा थी, लेकिन संगठन के पुनर्गठन से अब फिर से जोश लौट आया है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—“भाजपा को वोट जरूर मिले, लेकिन उसकी जड़ें समाज में नहीं हैं। वह समाज को बांटकर सत्ता में आई है। अगर कांग्रेस का संगठन मजबूत होता, तो भाजपा इतनी आसानी से जीत नहीं पाती।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनावों में कार्यकर्ताओं से ज्यादा टिकटार्थी सक्रिय रहे, जबकि जिला स्तर पर संगठन की भूमिका कमजोर रही। अगर कांग्रेस कार्यालय और स्थानीय नेतृत्व सक्रिय रहता, तो परिणाम निश्चित रूप से बेहतर होते। 
बृजेंद्र सिंह ने आगे कहा—“मैं तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहा, लेकिन भरोसा है कि कांग्रेस में सब अच्छा होगा। बस थोड़ा सब्र रखना होगा।”
उन्होंने बताया कि पार्टी की सद्भाव यात्रा का पहला चरण 6 नवंबर को बवानी खेड़ा में समाप्त होगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से महेंद्रगढ़, दादरी और रोहतक की 13 विधानसभा सीटों में शुरू किया जाएगा।




































