हिसार आज पूरी तरह छठ मईया के रंग में रंगा नजर आया। चारों तरफ भक्ति, श्रद्धा और उमंग का माहौल था। सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर के 10 से अधिक घाटों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी — हर कोई उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-शांति की कामना कर रहा था।
साउथ बायपास स्थित जिंदल स्कूल के पास बने घाट पर हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन अपनी पत्नी संग पारंपरिक वेशभूषा में पूजा करते दिखाई दिए। घाट पर उनका पूरा परिवार मौजूद रहा।
इस दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने में पुलिस को भी काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, विधायक सावित्री जिंदल ने भी घाट पहुंचकर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। 
शाम को जिंदल पार्क में 11 लाख ज्योतों से छठ मईया की महाआरती की गई — दृश्य इतना मनमोहक था कि हर कोई मोबाइल कैमरे में इसे कैद करता दिखा।
☀️ अमृत योग में अर्घ्य, फल-फूलों से सजे सूप
सुबह अमृत योग में व्रतधारिणियों ने सोना, चांदी, पीतल और बांस के सूपों में ठेकुआ, गुड़, गन्ना, नारियल, सेब, संतरा, मूली समेत दर्जनों फल रखकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।
हाथ जोड़कर व्रतियों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की मन्नतें मांगीं। 
बालसमंद नहर किनारे बने घाटों पर भी महिलाओं ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की तैयारी की — पारंपरिक गीतों और लोकधुनों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
🪔 11 लाख दीपों की महाआरती और दो क्विंटल लड्डुओं का प्रसाद
छठ पर्व आयोजन समिति के प्रधान विनोद साहनी ने बताया कि इस वर्ष 11 लाख दीपों से महाआरती की गई। हजारों श्रद्धालु दूर-दराज के इलाकों से हिसार पहुंचे। समापन के बाद दो क्विंटल लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया गया। 
🎶 भक्ति गीतों से गूंजा जिंदल सरोवर
जिंदल सरोवर पर पूर्वांचल समाज के लोगों ने पारंपरिक छठ गीतों से समां बांध दिया —
“महिमा बा राऊर अपार हे छठी मईया…”,
“कांचही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…”,
“उगी-उगी सूरज देव…” जैसे गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।




































