सिटी बिग न्यूज | हिसार
जय भीम आर्मी के चेयरमैन संजय चौहान ने भीम आर्मी के नेता संतलाल अंबेडकर पर सैक्टर-14 झुग्गी की अनुसूचित जाति की महिला का साथ देने और उसे न्याय दिलाने की बजाय पुलिस की तरफदारी करते हुए महिला पर ही दबाव बनाकर समझौता करवाने के आरोप लगाए हैं।
संजय चौहान ने बताया कि सेक्टर 14 में अनुसूचित जाति की महिला कामगार रेखा के साथ पांच लाख की चोरी के शक में सिटी थाना हिसार, अनाज मंडी पुलिस चौकी, सीआईए हिसार थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरता पूर्ण व मानवीय टॉर्चर के बारे में जो प्रदर्शन पिछले दो-तीन दिन में सरकारी हॉस्पिटल हिसार में किए गए थे, उसी मामले में गत दिवस संजय चौहान पीडि़ता को हिसार अदालत में लेकर गए थे जहां पर पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट के माननीय जस्टिस जेएस पूरी आए हुए थे।
चौहान ने बताया कि हमारा मकसद पीडि़ता को न्याय दिलाने हेतु हाईकोर्ट के जज को शिकायत दिलाना था जिसके लिए वे महिला की शिकायत टाइप करवा रहे थे। इतनी देर में ही भीम आर्मी नेता संतलाल अंबेडकर महिला व उसके पति को समझौता करवाने व पैसे दिलाने का लालच दिलाकर वहां से सैक्टर-14 में उनकी झुग्गी में ले आए।
वहां पर संतलाल अंबेडकर व पीडि़त महिला के पति अतुल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें संतलाल स्पष्ट रूप से पुलिस का नाम शिकायत में से हटवाने और मकान मालिकों के नाम पर शिकायत करवाने की बात कह रहा है और जिसकी एवज में ढाई लाख रुपये दिलवाने की बात कह रहा है लेकिन महिला का पति अतुल व उसका जेठ देवा उससे 7-8 लाख रुपये की मांग कर रहा है जिसके बाद उन्होंने इस मामले में समझौता कर लिया और अब पीडि़ता महिला व उसका परिवार झुग्गी छोडक़र यहां से जा चुका है।
संजय चौहान ने कहा कि उन्हें इस बात की हैरानी है कि पीडि़त परिवार व उसके परिवार के लोग उन्हें बताए बिना समझौता करके यहां से चले गए जबकि उन्होंने खुद उन्होंने फोन करे मदद के लिए बुलाया था और वे लगातार इस मामले में उनकी मदद कर रहे थे।
संजय चौहान ने आरोप लगाया कि हिसार पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर भीम आर्मी के नेता संतलाल ने हिसार अदालत परिसर से पीडि़त महिला व उसके परिजनों को डरा-धमकाकर व लालच देकर हाईजैक कर लिया तथा उसे पैसों का लालच समझौते के लिए मजबूर किया।
इस बात का प्रमाण सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है जिसमें भीम आर्मी के तथाकथित नेता पीडि़तों व पुलिस के दरमियान कुछ रुपए दिलवाकर समझौता करवाते हुए नजर आ रहे हैं। संजय चौहान ने कहा कि समाज को सोशल एक्टिविस्ट और दलालों के बीच का फर्क समझना होगा। केवल नीला गमछा पहनने से कोई अंबेडकरवादी या दलित समाज सुधारक नहीं हो सकता।
महिला के साथ पुलिस ने जो ज्यादती की वह अमानवीय व अत्याचार की प्रकाष्ठा है। महिला के साथ पुलिस ने यह जुल्म इसीलिए किया कि वे लोग गरीब मजदूर हैं और कुछ नहीं कर सकते लेकिन अनुसूचित जाति के संगठन महिला के साथ खड़े हैं और लगातार उसका हर स्तर पर साथ दे रहे हैं।
परंतु पुलिस प्रशासन के पिछलग्गू इस तरह के नेता अपनी स्वार्थ सिद्धी का काम करे हैं जो समाज के हित चिंतक नहीं हो सकते। इसलिए समाज को अपनी राजनीति चमकाने व अपने स्वार्थ सिद्ध करने वाले ऐसे नेताओं से बचना चाहिए।




































