सिटी बिग न्यूज | हिसार
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हिसार जिले के गांव बयानाखेड़ा निवासी फौजी मनदीप पूनिया का गुरुवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुबह जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के बीच नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
11 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती
गांव बयानाखेड़ा निवासी बलराज सिंह के पुत्र मनदीप पूनिया करीब 11 साल पहले सेना की टेरिटोरियल आर्मी (टीए) 112 डोगरा बटालियन में भर्ती हुए थे। 2011 में उनका विवाह हुआ था और उनके परिवार में उनकी पत्नी, 13 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा है। वर्तमान में वह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे।
छुट्टी पर आ रहे थे, ट्रेन छूटने से लौटना पड़ा कैंट
ग्रामीणों के अनुसार, शहीद मनदीप पूनिया के परिवार में 31 मार्च को शादी समारोह था, जिसके लिए उन्होंने छुट्टी ली थी। 17 मार्च को वे गांव लौटने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी ट्रेन छूट गई और उन्हें कैंट वापस लौटना पड़ा। इसके अगले ही दिन, 18 मार्च को उनकी पत्नी को सेना की ओर से फोन आया, जिसमें उनके शहीद होने की सूचना दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया।
भारत माता के जयकारों के बीच दी अंतिम विदाई
20 मार्च की सुबह जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। हिसार कैंट से सेना की टुकड़ी भी मौके पर मौजूद रही।
गांव के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी और पूरे गांव ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के दौरान “भारत माता की जय” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, मनदीप तेरा नाम रहेगा” के जयघोष गूंजते रहे।
गांववासियों ने मांगा शहीद के नाम पर स्मारक
गांव के लोगों ने मांग की कि शहीद मनदीप पूनिया के बलिदान को अमर बनाने के लिए उनके नाम पर कोई सार्वजनिक स्थल या स्मारक बनाया जाए। परिवार ने भी सरकार से सम्मान और सहायता की मांग की, ताकि उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाए।




































