सिटी बिग न्यूज | हिसार
हरियाणा के हिसार में अफसरशाही के आगे मंत्री की बेबसी का एक और मामला सामने आया है। करीब 37 दिन पहले खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने उकलाना में गेहूं के सरकारी गोदाम पर छापा मारा था।
जांच के दौरान मंत्री को गेहूं की बोरियां गीली मिलीं, जिसके बाद उन्होंने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) अमित शेखावत सहित 4 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। हालांकि, मंत्री के आदेश के महज 29 दिन बाद ही DFSC अमित शेखावत को बहाल कर दिया गया है और उन्हें हिसार में ही दोबारा पोस्टिंग मिली है।
अमित शेखावत ने इस बारे में कहा, “मंत्री ने मुझे सस्पेंड कर दिया था, लेकिन विभागीय जांच के बाद मेरा पक्ष सही पाया गया। मैंने सभी सबूत उच्च अधिकारियों के सामने रखे और उन्होंने मुझे बहाल कर दिया। मेरी कोई गलती नहीं थी।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था।
हालांकि, अन्य 3 अधिकारी, जिनमें सब इंस्पेक्टर विकास कुमार, इंस्पेक्टर सचिन और सहायक संदीप सिंह शामिल हैं, अभी भी निलंबित हैं। यह मामला हिसार में मंत्री के आदेश के बाद दूसरी बहाली का है।
इससे पहले जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) को भी सस्पेंड किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया था।
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को मंत्री राजेश नागर ने उकलाना के गोदाम पर छापा मारा था। जांच में गेहूं की बोरियां गीली मिलने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई की थी। हालांकि, अभी तक इंस्पेक्टर विकास कुमार के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, मामला जिला न्यायवादी को भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले ने एक बार फिर अफसरशाही और मंत्रियों के बीच टकराव की स्थिति को उजागर किया है।




































